PM Kisan Yojana: पीएम किसान योजना की 23वीं किस्त कब आएगी? सरकार ने तय कर दी तारीख फायदे की खबर एक महीने पहले 33
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी होगी, जिसमें पात्र किसानों के खातों में डीबीटी के जरिए 2,000 रुपये भेजे जाएंगे।

PM Kisan Yojana 23rd Installment: देशभर के करोड़ों किसानों के लिए राहत भरी खबर है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त का इंतजार अब खत्म होने वाला है। योजना के आधिकारिक सोशल मीडिया मंच पर दी गई जानकारी के मुताबिक, किसानों के बैंक खातों में 23वीं किस्त 20 जून 2026 को भेजी जाएगी। इस दिन हर पात्र किसान के खाते में डीबीटी के माध्यम से सीधे 2,000 रुपये की रकम पहुंचाई जाएगी।

क्या है पीएम किसान सम्मान निधि योजना?

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत 24 फरवरी 2019 को हुई थी। इसका मकसद छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक मदद उपलब्ध कराना है। योजना के तहत हर पात्र किसान को हर साल 6,000 रुपये दिए जाते हैं। यह रकम 2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। अब तक किसानों को 22 किस्तों का फायदा मिल चुका है और जल्द ही 23वीं किस्त भी भेजी जाने वाली है।

इन किसानों की रुक सकती है किस्त

सरकार ने साफ किया है कि इस बार भी कुछ किसानों की किस्त अटक सकती है। जिन लाभार्थियों ने जरूरी औपचारिकताएं पूरी नहीं की हैं, उन्हें भुगतान पाने में दिक्कत आ सकती है। इसके प्रमुख कारण इस प्रकार हैं:

  • e-KYC का पूरा न होना
  • फार्मर आईडी न होना
  • आधार और बैंक खाते की जानकारी में अंतर
  • बैंक खाता संख्या या IFSC कोड में गलती
  • भूमि रिकॉर्ड का सत्यापन अधूरा रहना

ऐसे किसानों को सलाह दी गई है कि वे जल्द से जल्द अपनी जानकारी अपडेट करा लें।

इस तरह जांचें अपना स्टेटस

  • पीएम किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।
  • Farmers Corner सेक्शन में जाएं।
  • “Know Your Status” विकल्प पर क्लिक करें।
  • अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और कैप्चा भरें।
  • स्क्रीन पर आपकी पात्रता और किस्त की स्थिति दिखने लगेगी।

यहीं पर आप e-KYC, आधार बैंक सीडिंग और लैंड सीडिंग की स्थिति भी देख सकते हैं।

अटकी हुई किस्त भी मिल सकती है

यदि किसी किसान की पिछली किस्त किसी तकनीकी या दस्तावेजी वजह से रुक गई थी और अब उसने सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं, तो उसे आगे योजना का लाभ दोबारा मिल सकता है। कई मामलों में सत्यापन पूरा होने के बाद पहले से रुकी हुई पुरानी किस्त भी जारी कर दी जाती है।

मनीष अग्रवाल पाबना के मार्केट्स संवाददाता हैं और शेयर बाजार, आईपीओ तथा निवेश के रुझानों पर रिपोर्टिंग करते हैं। सेंसेक्स-निफ्टी की चाल, कंपनियों के नतीजों और निवेशकों के लिए जरूरी जानकारी को वे सहज भाषा में समझाते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि छोटे निवेशक भी बाजार को बेहतर समझ सकें।

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