राष्ट्रीय राजनीति
एक घंटा पहले
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आंध्र प्रदेश में रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात
आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने सबको सन्न कर दिया है। एक महिला की नृशंस हत्या की गई और उसके शव को पहचान मिटाने के लिए कई हिस्सों में काट दिया गया। इस खौफनाक हत्याकांड में एक छोटा सा टैटू उस कड़ी के रूप में सामने आया जिसने पुलिस को हत्यारे तक पहुँचाने का रास्ता दिखाया। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और अब मामले की गहन जांच की जा रही है।
क्या है पूरा मामला
मृतक महिला की पहचान 30 वर्षीय कल्याणी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से एलुरु जिले की रहने वाली थी और वर्तमान में मंगलगिरी इलाके में रह रही थी। इस हत्याकांड का आरोपी 35 वर्षीय मोहम्मद शफी है, जो भवानीपुरम में मटन की दुकान चलाता है। पुलिस जांच में यह सामने आया है कि 17 सितंबर को कल्याणी कुछ पैसों के लेन-देन के सिलसिले में शफी के घर गई थी। वहां दोनों के बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हुई, जो इतनी बढ़ गई कि शफी ने चाकू से गला रेतकर कल्याणी की हत्या कर दी।
कैसे खुला हत्याकांड का राज
इस हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने और अपराध को छुपाने की पूरी कोशिश की। उसने शव को ठिकाने लगाने के लिए उसे छोटे-छोटे टुकड़ों में काट दिया और फिर इन टुकड़ों को गोलपड्डू स्थित कूलिंग नहर में फेंक दिया। 18 सितंबर को जब पुलिस को नहर के पास एक सिर कटा हुआ धड़ मिला, तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और शव के बाकी अंगों को ढूंढने के लिए ड्रोन और एनडीआरएफ (NDRF) की मदद ली गई। लगातार तलाशी के बाद नहर से महिला का सिर और पैर जैसे अंग बरामद किए गए।
टैटू बना सबसे बड़ा सुराग
पुलिस ने जब इस अज्ञात शव की तस्वीरें और विवरण सोशल मीडिया पर साझा किए, तब एक बड़ा खुलासा हुआ। मृतका के भाई ने शव के हाथ पर बने एक विशेष टैटू को देखकर उसकी पहचान कल्याणी के रूप में की। टैटू के जरिए मिली इस अहम पहचान ने पुलिस का काम आसान कर दिया। इसके बाद तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस ने मोहम्मद शफी को 27 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया।
हत्या की वजह और पुलिस का एक्शन
पश्चिमी जोन के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) एनवीके दुर्गा राव के अनुसार, कल्याणी और मोहम्मद शफी के बीच पैसे और बच्चे की कस्टडी को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। 17 सितंबर को इसी मुद्दे पर हुई तीखी बहस ने खूनी रूप ले लिया। पुलिस अब आरोपी के साथी अब्दुल्ला दुर्गा राव की तलाश में जुटी है, जिसकी इस अपराध में कथित तौर पर भूमिका मानी जा रही है। इसके साथ ही, मृतका के बेटे की कानूनी कस्टडी के लिए आईसीडीएस (ICDS) विभाग से भी राय ली जा रही है ताकि बच्चे का भविष्य सुरक्षित रहे। पुलिस इस पूरे मामले को काफी गंभीरता से ले रही है और जल्द ही चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी है।
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