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4 घंटे पहले
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मिडिल ईस्ट में फिर भड़की जंग
अमेरिका और ईरान के बीच का संघर्ष एक बार फिर खूनी रूप ले चुका है। बीते तीन दिनों के भीतर अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के भीतर स्थित आईआरजीसी (IRGC) के विभिन्न केंद्रों पर दूसरी बार हवाई हमले किए हैं। इन हमलों के जवाब में ईरान भी चुप नहीं बैठा और उसने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को लक्ष्य बनाकर बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया है। ईरान के लोरेस्तान प्रांत से मिसाइल लॉन्च होने का एक वीडियो भी सार्वजनिक हुआ है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जॉर्डन में स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर यह अब तक का सबसे बड़ा हमला किया गया, जिसे जॉर्डन ने रोकने का दावा किया है।
शादी समारोह पर कहर और तबाही
अमेरिकी हमलों का दायरा ईरान के लोरेस्तान और केरमानशाह प्रांतों तक फैला हुआ है। दक्षिणी ईरान के बंदर अब्बास, कशम द्वीप, जास्क और सीरिक जैसे क्षेत्रों में जोरदार धमाकों की गूंज सुनाई दी। इसके अतिरिक्त, दक्षिण-पूर्वी चाबहार और कोनारक इलाकों में चार प्रोजेक्टाइल गिरने की पुष्टि हुई है। सबसे दुखद घटना दक्षिणी ईरान के सीरिक से सामने आई है, जहां एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले का वीडियो वायरल हो रहा है। ईरानी अधिकारियों का आरोप है कि इस हमले में 2 लोगों की जान गई है और दर्जनों अन्य घायल हुए हैं। इन हमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है कि वे जवाबी कार्रवाई से बचें, अन्यथा परिणाम अत्यंत भयानक होंगे।
डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' के जरिए अपनी बात रखते हुए कहा कि फिलहाल अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान के ठिकानों पर जोरदार हमले कर रहा है। ट्रंप के अनुसार, यह कार्रवाई ईरान द्वारा होर्मुज में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की विफल कोशिशों का परिणाम है, जिन्हें नष्ट कर दिया गया है। उन्होंने जॉर्डन में अपने अड्डे पर दागी गई आठ मिसाइलों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें सफलतापूर्वक मार गिराया गया है। ट्रंप ने स्पष्ट कहा कि ईरान अगर इस हमले का जवाब देने की जुर्रत करता है, तो उसे और भी अधिक विनाशकारी हमले का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि सबसे बड़ा हमला अभी बाकी है, जो इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के अस्तित्व के लिए खतरा बन सकता है।
यूएस सेंट्रल कमांड का बयान
अमेरिकी यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इन सैन्य ऑपरेशनों पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि 1 सितंबर को ईरानी सैन्य ठिकानों पर सफल हमले किए गए। इस दौरान इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एयर डिफेंस साइट्स, रडार सिस्टम, समुद्री संपत्तियों, कम्युनिकेशन साइट्स और माइन बिछाने की क्षमताओं को नष्ट किया गया है। सेंट्रल कमांड के अनुसार, यह कार्रवाई होर्मुज में कमर्शियल जहाजों और अमेरिकी सैनिकों पर किए गए हालिया हमलों के जवाब में की गई है। वर्तमान में मध्य पूर्व में 50 हजार से ज्यादा अमेरिकी सैनिक पूरी तरह सतर्क और तैयार हैं, जो कमांडर-इन-चीफ के आदेशों का पालन करने के लिए मुस्तैद हैं।
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