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3 महीने पहले
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विचारों
तनाव की स्थिति और अमेरिकी सैनिकों को नुकसान
वॉशिंगटन और तेहरान के बीच चल रहा सैन्य तनाव अब बेहद गंभीर और खतरनाक चरण में पहुंच गया है। यदि दोनों देशों के बीच संयम नहीं बरता गया तो स्थिति और भी भयावह हो सकती है। पेंटागन द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 7 जुलाई के बाद से पिछले दो हफ्तों के दौरान ईरान के साथ हुई जवाबी सैन्य कार्रवाई में लगभग 100 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं। घायल हुए जवानों में से अधिकांश के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। इस निरंतर बढ़ते टकराव को लेकर डोनाल्ड ट्रंप काफी आक्रामक हैं और उन्होंने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए सबक सिखाने की बात कही है। मध्य पूर्व में जारी इस सैन्य खींचतान का असर अब कई पड़ोसी देशों पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है।
लगातार 10वीं रात अमेरिकी हवाई हमले
अमेरिकी सेना ने अपनी आक्रामक कार्रवाई को जारी रखते हुए सोमवार देर रात से मंगलवार तड़के तक 10वें दौर की एयरस्ट्राइक को अंजाम दिया। अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार, इन हवाई हमलों का मुख्य लक्ष्य ईरान के सैन्य कमांड सेंटरों के साथ-साथ उनकी नौसैनिक क्षमताओं को तबाह करना था। वहीं, ईरान के सरकारी मीडिया ने देश के दक्षिणी इलाकों, जिनमें बंदर अब्बास, केश्म और होर्मोज़गान प्रांत का बेमानी जिला शामिल है, में भीषण धमाकों की पुष्टि की है। ईरान के राष्ट्रपति ने भी स्थिति की गंभीरता को स्वीकार करते हुए माना है कि देश इस समय पूर्ण पैमाने के युद्ध में उलझा हुआ है, जिसका सीधा असर उनकी अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापार ठप
युद्ध की विभीषिका का असर अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर भी गहरा रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाने की घटनाओं में अचानक वृद्धि हुई है। ब्रिटिश मैरीटाइम अथॉरिटी के अनुसार, ओमान के तट के निकट एक तेल टैंकर पर हमला हुआ, जिसके बाद चालक दल के सदस्यों को अपनी जान बचाने के लिए लाइफबोट का उपयोग करना पड़ा। इसके अलावा दो और जहाजों पर भी हमले की सूचना है। सुरक्षा के बढ़ते खतरों के चलते इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से होने वाला आवागमन लगभग ठप पड़ गया है। लाइव डेटा पर गौर करें तो सोमवार को इस व्यस्त समुद्री रास्ते से मात्र 9 व्यापारिक जहाज ही गुजर सके।
अमेरिकी रक्षा मंत्री संसद में देंगे जवाब
इस बीच, अमेरिकी प्रशासन पर सैनिकों के घायल होने की जानकारी सार्वजनिक करने में देरी करने के आरोप लग रहे हैं। इस विवाद और बढ़ते तनाव के बीच, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष आज अमेरिकी संसद यानी कांग्रेस के समक्ष पेश होंगे। वे वहां सांसदों द्वारा पूछे जाने वाले तीखे सवालों के जवाब देंगे और वर्तमान सैन्य स्थिति पर स्थिति स्पष्ट करेंगे।
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