उत्तर प्रदेश
2 घंटे पहले
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विचारों
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। सीएम योगी ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जो लोग कभी भगवान राम के अस्तित्व को नकारते थे, आज वे गिरगिट की तरह अपना रंग बदल रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इतिहास गवाह है कि जब इन दलों की सरकारें थीं, तब रामभक्तों पर गोलियां चलाई जाती थीं, इसलिए इन्हें भगवान राम के नाम पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
सनातन आस्था पर विपक्ष के हमलों पर बरसे सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतापगढ़ की रैली में विपक्ष की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से विपक्षी नेताओं द्वारा भारत की सनातन आस्था पर लगातार प्रहार किए जा रहे हैं और इसके लिए तरह-तरह की शरारतपूर्ण बयानबाजी की जा रही है। उन्होंने याद दिलाया कि यह वही कांग्रेस है जो कभी अदालत में लिखित रूप से कहती थी कि भगवान राम और कृष्ण का कोई अस्तित्व ही नहीं है। वहीं दूसरी तरफ, अयोध्या में बाबरी ढांचे का समर्थन करने वाली समाजवादी पार्टी और कांग्रेस आज जनता के सामने घड़ियाली आंसू बहा रही हैं। सीएम योगी ने तंज कसते हुए कहा कि आज ये दोनों दल राजनीतिक फायदे के लिए गिरगिट की तरह रंग बदल रहे हैं, लेकिन जनता इनकी असलियत अच्छी तरह जानती है।
रामभक्तों पर गोलीबारी और वक्फ संपत्तियों का उठाया मुद्दा
मुख्यमंत्री ने विपक्ष के इतिहास को खंगालते हुए कहा कि जब प्रदेश और देश में तुम्हारी सरकारें थीं, तब तुम लोगों ने निहत्थे रामभक्तों पर गोलियां चलवाई थीं। उन्होंने कांग्रेस पर हमला जारी रखते हुए कहा कि न्यायालय में हलफनामा देकर राम के अस्तित्व को नकारने वाले आज किस मुंह से बात कर रहे हैं। सीएम योगी ने विपक्ष पर तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि ये लोग किसी भी छोटी घटना को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करते हैं ताकि बहुसंख्यक हिंदुओं को अपमानित किया जा सके और उनकी आस्था पर चोट की जा सके।
वक्फ बोर्ड की संपत्तियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वक्फ के नाम पर हजारों हेक्टेयर जमीनें अवैध रूप से बेच दी गईं, लेकिन इस गंभीर मुद्दे पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने पूरी तरह से चुप्पी साध ली। उन्होंने अयोध्या भूमि मामले का उल्लेख करते हुए बताया कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास ने इस मामले में SIT जांच की मांग की थी। सरकार ने इस पर तुरंत कदम उठाए हैं और जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट और FIR के आधार पर सख्त कार्रवाई की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि अयोध्या के मामले में तो हम पूरी पारदर्शिता से काम कर रहे हैं, लेकिन वक्फ के नाम पर हो रहे घपलों पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का मुंह क्यों बंद हो जाता है?
कांवड़ यात्रा पर रोक और त्योहारों में उपद्रव का किया जिक्र
रैली के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस से तीखे सवाल पूछे। उन्होंने पूछा कि जब पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में पवित्र कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया जाता था, तब क्या हिंदुओं की आस्था आहत नहीं होती थी? उन्होंने आगे कहा कि जब भी कोई हिंदू पर्व या त्योहार नजदीक आता था, तो जानबूझकर उपद्रव और दंगे करवाए जाते थे। क्या उस समय बहुसंख्यक समाज की भावनाएं आहत नहीं होती थीं? मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जनता को इन नेताओं से यह सवाल जरूर पूछना चाहिए कि उन्होंने बहुसंख्यक समाज की आस्था के साथ ऐसा सौतेला व्यवहार क्यों किया।
डबल इंजन सरकार के विकास और कानून व्यवस्था की तारीफ
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का बखान करते हुए कहा कि आज उत्तर प्रदेश में बिना किसी भेदभाव के विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रतापगढ़ की छवि अब पूरी तरह से बदल चुकी है और यहां से होने वाला पलायन अब पूरी तरह रुक गया है। प्रदेश में डबल इंजन की सरकार विकास कार्यों को बेहद तेजी से आगे बढ़ा रही है। चुनाव से ठीक पहले विपक्षी दल तरह-तरह की साजिशें रच रहे थे क्योंकि उन्हें राज्य की प्रगति फूटी आंख नहीं सुहा रही है।
अयोध्या के विकास पर बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि विपक्ष आरोप लगा रहा है कि वहां आस्था के साथ खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने पलटवार करते हुए पूछा कि अयोध्या में आस्था के साथ भला कौन सा खिलवाड़ हुआ है और विपक्ष की अपनी कौन सी आस्था है। उन्होंने साफ किया कि जो कांग्रेस राम के अस्तित्व को ही नहीं मानती थी और जो समाजवादी पार्टी रामभक्तों पर गोलियां चलवाती थी, उन्हें अयोध्या पर बोलने का कोई हक नहीं है। अयोध्या पर बोलने का अधिकार केवल रामभक्तों को है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब समाजवादी पार्टी की सरकार थी, तब मंदिरों के विकास का पैसा कब्रिस्तान की दीवारों के निर्माण पर खर्च किया जाता था।
माफिया राज के खात्मे और गरीब कल्याण का दावा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सरकारों की कार्यशैली पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले की सरकारों की मानसिकता माफिया राज को बढ़ावा देने की थी। वे अपराधियों और माफियाओं को पालते-पोसते थे, जिसके कारण गरीबों, किसानों और नौजवानों की कोई सुनवाई नहीं होती थी। उस दौर में युवा रोजगार के लिए तरसते थे, बहन-बेटियां असुरक्षित महसूस करती थीं और व्यापारी हमेशा डरे-सहमे रहते थे। आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। अब गरीबों को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिल रहा है और हमारी सरकार ने कभी भी चेहरा देखकर या वोट बैंक को ध्यान में रखकर काम नहीं किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साल 2014 के मंत्र सबका साथ, सबका विकास को आधार मानकर ही राज्य सरकार काम कर रही है। हम बिना किसी भेदभाव के हर पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचा रहे हैं।
जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रमुख आंकड़े
सीएम योगी ने मंच से अपनी सरकार की लोक-कल्याणकारी योजनाओं के आंकड़े भी पेश किए, जो इस प्रकार हैं:
- उत्तर प्रदेश के 15 करोड़ गरीबों को हर महीने मुफ्त राशन की सुविधा दी जा रही है।
- राज्य के 10 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया जा रहा है।
- 70 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक वरिष्ठ नागरिक को सालाना 5 लाख रुपये तक की मुफ्त इलाज की सुविधा दी जा रही है।
- प्रदेश के हर सरकारी मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में मरीजों के लिए मुफ्त इलाज की पुख्ता व्यवस्था की गई है।
अपने भाषण के अंत में सीएम योगी ने कहा कि वे मुख्यमंत्री राहत कोष से बिना किसी सिफारिश और बिना किसी देरी के तत्काल जरूरतमंदों को इलाज के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि आज प्रदेश में त्वरित सुनवाई होती है, जबकि साल 2017 से पहले इस राज्य में ऐसी कोई व्यवस्था मौजूद नहीं थी और गरीब इलाज के लिए भटकने को मजबूर था।
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