कानपुर में परिजनों की सूझबूझ से बची सांप के डसे मासूम की जान, अस्पताल ले जाने से पहले मोबाइल में कैद की थी जहरीले जीव की तस्वीर उत्तर प्रदेश एक घंटा पहले 2
उत्तर प्रदेश के कानपुर में सांप के काटने से घायल हुए एक 5 वर्षीय बच्चे को उसके माता-पिता की समझदारी ने नई जिंदगी दी है। परिजनों ने झाड़-फूंक के चक्कर में समय गंवाने के बजाय सांप की फोटो खींचकर डॉक्टरों को दिखाई, जिससे समय पर सही इलाज हो सका।

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिला अंतर्गत घाटमपुर इलाके से एक बेहद हैरान करने वाली और साथ ही सीख देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 5 साल के मासूम बच्चे को खेलते समय एक बेहद जहरीले सांप ने काट लिया। आमतौर पर ऐसी घटनाओं में लोग घबरा जाते हैं या फिर अंधविश्वास के जाल में फंसकर झाड़-फूंक कराने लगते हैं। लेकिन इस मामले में बच्चे के माता-पिता ने कमाल की समझदारी और धैर्य का परिचय दिया। उन्होंने बच्चे का इलाज शुरू कराने में जरा भी देरी नहीं की और अस्पताल जाने से पहले एक ऐसा कदम उठाया, जिसने उनके बच्चे को मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

खेलते-खेलते अचानक चीख उठा मासूम सात्विक

यह पूरी घटना घाटमपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मुगुलपुर गांव की है। मिली जानकारी के अनुसार, मुगुलपुर के रहने वाले सौरभ सचान का 5 साल का बेटा सात्विक सचान बीते 1 अगस्त की रात को अपने घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। रात के अंधेरे में खेल-कूद के दौरान पास की झाड़ियों में छिपा बैठा एक जहरीला सांप अचानक बाहर निकला और उसने सात्विक के पैर में डस लिया। सांप के काटते ही दर्द से तड़पता हुआ मासूम जोर-जोर से रोने और चिल्लाने लगा। बच्चे के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर घर के भीतर मौजूद परिजन तुरंत भागकर बाहर आए और उन्होंने बच्चे को संभाला।

अंधविश्वास की जगह चुनी सूझबूझ, खींची सांप की तस्वीर

ग्रामीण इलाकों में आज भी सांप के काटने पर अक्सर लोग झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र के फेर में पड़कर कीमती समय बर्बाद कर देते हैं, जिससे पीड़ित की जान पर बन आती है। हालांकि, सात्विक के माता-पिता ने इस रूढ़िवादी सोच को दरकिनार करते हुए आधुनिक दृष्टिकोण अपनाया। उन्होंने बिना घबराए सबसे पहले अपने मोबाइल फोन से उस सांप की एक साफ तस्वीर खींच ली, जिसने बच्चे को काटा था। सांप की फोटो लेने के तुरंत बाद परिजन बच्चे को लेकर बिना एक पल गंवाए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र यानी CHC घाटमपुर के लिए रवाना हो गए।

तस्वीर देखकर डॉक्टरों ने शुरू किया सटीक इलाज

जब सात्विक को CHC घाटमपुर लाया गया, तो डॉक्टरों ने सबसे पहले परिजनों से घटना की जानकारी ले ली। परिजनों ने तुरंत अपने मोबाइल फोन में खींची गई सांप की तस्वीर डॉक्टरों को दिखाई। इस तस्वीर की मदद से डॉक्टरों को यह पहचानने में जरा भी वक्त नहीं लगा कि सांप किस प्रजाति का था और उसका जहर कितना खतरनाक हो सकता था। सांप की सटीक पहचान होने के बाद चिकित्सकों ने बिना कोई समय गंवाए सात्विक को एंटी स्नेक वेनम यानी ASV का इंजेक्शन लगा दिया। इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने बच्चे को अपनी देखरेख में रखकर इलाज जारी रखा। सही समय पर सही दवा मिलने से उसका असर तेजी से हुआ और सात्विक की हालत में सुधार होने लगा। डॉक्टरों के मुताबिक, अब बच्चा पूरी तरह खतरे से बाहर है।

बरसात के मौसम में रिहायशी इलाकों में बढ़ रहा है खतरा

घाटमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी और चिकित्साधीक्षक डॉ. पवन सचान ने इस मामले पर बात करते हुए बताया कि मानसून के सीजन में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण जमीन के अंदर पानी भर जाता है। इसके चलते सांप और अन्य विषैले जीव अपने बिलों से बाहर निकलने को मजबूर हो जाते हैं। सुरक्षित ठिकानों की तलाश में ये जीव अक्सर इंसानी बस्तियों और रिहायशी इलाकों की तरफ रुख कर लेते हैं। डॉ. पवन सचान ने लोगों से अपील की है कि वे इस मौसम में अत्यधिक सावधानी बरतें। खासकर बच्चों को अकेले झाड़ियों वाले रास्तों, जलभराव वाले स्थानों या खेतों के आसपास खेलने के लिए न भेजें। रात के समय घर से बाहर निकलते वक्त हमेशा टॉर्च का इस्तेमाल जरूर करें।

डॉक्टरों की सलाह: झाड़-फूंक के झांसे में न आएं

अस्पताल के डॉक्टरों ने इस घटना को एक बड़ा उदाहरण बताते हुए लोगों को सचेत किया है। डॉक्टरों ने कहा कि सांप के काटने पर निम्नलिखित बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए:

  • सांप काटने पर कभी भी झाड़-फूंक, घरेलू उपचार या तंत्र-मंत्र के चक्कर में न पड़ें, क्योंकि इससे मरीज का कीमती वक्त बर्बाद हो जाता है।
  • पीड़ित व्यक्ति को बिना समय गंवाए नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र लेकर जाएं, जहां एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध हो।
  • यदि संभव हो और सुरक्षा का कोई खतरा न हो, तो सांप की फोटो मोबाइल फोन से खींच लें। इससे डॉक्टरों को जहर की प्रकृति समझने और सटीक इलाज तुरंत शुरू करने में बहुत मदद मिलती है।
  • हालांकि, सांप की फोटो खींचने के प्रयास में अपनी जान जोखिम में न डालें और न ही सांप को पकड़ने या उसके बेहद करीब जाने की कोशिश करें।

इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि आपातकालीन परिस्थितियों में घबराहट पर काबू पाकर लिया गया सही फैसला किसी की जान बचाने में सबसे बड़ा हथियार साबित हो सकता है।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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