उत्तर प्रदेश
52 मिनट पहले
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त्यौहार की खुशियां बदलीं मातम में
उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से एक बेहद हृदयविदारक मामला सामने आया है। रक्षाबंधन के पवित्र त्यौहार के दिन जब बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र की कामना करने के लिए उनके घर पहुंच रही थीं, तब एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जालौन के उरई मुख्यालय से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित कैलिया थाना क्षेत्र के करियावली गांव में दो सगे भाइयों की कुएं में डूबने से जान चली गई। मृतकों की पहचान 65 वर्षीय फूल सिंह कुशवाहा और उनके छोटे भाई 55 वर्षीय रामलखन कुशवाहा के रूप में हुई है। ये दोनों भाई एक ही पुश्तैनी घर में रहते थे और कृषि एवं पशुपालन के जरिए अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे।
समरसेबल निकालने के दौरान हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव के बाहर स्थित खेत में 60 फीट गहरा कुआं बना है, जिसका उपयोग सिंचाई के लिए किया जाता था। कुएं के भीतर पानी निकालने के लिए समरसेबल मोटर लगी थी। पिछले दिनों हुई भारी बारिश के कारण कुएं का जलस्तर काफी ऊपर आ गया था, जिसकी वजह से मोटर पानी में डूबने लगी थी। 28 अगस्त की सुबह लगभग 8 बजे फूल सिंह और रामलखन अपने खेत पर पहुंचे थे ताकि मोटर को बाहर निकाला जा सके। इस दौरान उनके साथ परिवार के दो पोते भी मौजूद थे। बताया जा रहा है कि सबसे पहले फूल सिंह रस्सी के सहारे नीचे उतरे, लेकिन अंदर पहुंचते ही जहरीली गैस की चपेट में आने से वह अचानक बेहोश हो गए और सीधे पानी में जा गिरे।
बचाने के प्रयास में गई दूसरी जान
अपने बड़े भाई को कुएं में गिरता देख रामलखन ने बिना देरी किए उन्हें बचाने के लिए कुएं में छलांग लगा दी। हालांकि, जहरीली गैस का प्रभाव वहां पहले से ही था, जिसके कारण रामलखन भी कुछ ही पलों में बेहोश होकर गहरे पानी में समा गए। कुएं के बाहर खड़े पोतों ने जब यह मंजर देखा, तो वे चीखने-चिल्लाने लगे। बच्चों की आवाज सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण आनन-फानन में घटनास्थल की ओर दौड़े।
पुलिस और रेस्क्यू टीम की मशक्कत
ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को हादसे की सूचना दी। कैलिया थाना प्रभारी अवनीश पटेल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू करने के लिए फायर ब्रिगेड एवं डायल-112 की सहायता ली गई। कुआं अत्यंत गहरा होने और उसमें पानी की मात्रा अधिक होने के कारण रेस्क्यू टीम को शव निकालने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों और बचाव दल ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों भाइयों के शवों को बाहर निकाला। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच की जा रही है।
बहन के आने से पहले ही उजड़ गया घर
इस हादसे का सबसे दुखद पहलू यह है कि फूल सिंह और रामलखन की बहन अन्नू रक्षाबंधन मनाने के लिए गांव आ रही थीं। वह दिन के करीब 12:30 बजे जब अपने मायके पहुंचीं, तो उन्हें भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के बजाय उनकी मौत की खबर मिली। तब तक दोनों भाइयों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे जा चुके थे। जिस बहन ने भाई की सलामती के लिए राखी तैयार की थी, उसे कभी न मिटने वाला दुख झेलना पड़ा। इस घटना के बाद से ही पूरे करियावली गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और पीड़ित परिवार सदमे की स्थिति में है।
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