अयोध्या में यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय नजरबंद, राम मंदिर दर्शन कार्यक्रम से पहले मचा हड़कंप उत्तर प्रदेश 2 महीने पहले 75
यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को अयोध्या के एक होटल में पुलिस ने नजरबंद कर दिया है, जिसके बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल 30 जून को रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या जाने वाला था।

अयोध्या में कांग्रेस नेताओं पर कार्रवाई

उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे और प्रबंधन को लेकर उपजी सियासी बहस के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय को अयोध्या के होटल पदम श्री पैलेस में पुलिस ने हाउस अरेस्ट यानी नजरबंद कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद से विपक्षी खेमे में भारी नाराजगी देखी जा रही है और स्थानीय प्रशासन के इस कदम पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

30 जून को प्रस्तावित था दर्शन का कार्यक्रम

कांग्रेस पार्टी ने पहले ही यह घोषणा की थी कि उनका एक प्रतिनिधिमंडल 30 जून को अयोध्या का दौरा करेगा। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व स्वयं प्रदेश अध्यक्ष अजय राय करने वाले थे। दल में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल थे, जिनमें सांसद किशोरी लाल शर्मा, सांसद तनुज पूनिया, सांसद राकेश राठौर, सांसद उज्ज्वल रमण सिंह, विधायक वीरेंद्र चौधरी, पूर्व सांसद ए.पी. गौतम और पूर्व MLC दीपक सिंह का नाम प्रमुख है। इस पूरे कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अयोध्या पहुंचकर भगवान रामलला के दर्शन और पूजन करना था।

प्रतापगढ़ में भी हुई सख्ती

अजय राय के नजरबंद होने से पहले ही प्रतापगढ़ के कांग्रेस जिलाध्यक्ष को पुलिस ने घर में कैद कर दिया था। इस घटना के बाद कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पार्टी ने सवाल किया है कि क्या उत्तर प्रदेश में अब प्रभु श्रीराम के दर्शन करना भी एक अपराध की श्रेणी में आ गया है? कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार उनकी इस प्रस्तावित यात्रा से भयभीत है और इसी डर के कारण सरकार कायरतापूर्ण तरीके से दमनकारी नीति अपना रही है।

कांग्रेस का सरकार पर तीखा प्रहार

कांग्रेस ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि भगवान श्रीराम केवल किसी एक विचारधारा या राजनीतिक दल की धरोहर नहीं हैं, बल्कि वे पूरे देश की संस्कृति और करोड़ों लोगों की आस्था के प्रतीक हैं। श्रद्धालुओं को अयोध्या जाने से रोकना न केवल गलत है, बल्कि इसे संवैधानिक अधिकारों का हनन भी बताया जा रहा है। कांग्रेस ने स्पष्ट रूप से उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की है कि नजरबंद किए गए सभी नेताओं को बिना किसी देरी के रिहा किया जाए और प्रतिनिधिमंडल को शांतिपूर्वक भगवान राम के दर्शन करने की अनुमति दी जाए। चूँकि अजय राय स्वयं इस दल का नेतृत्व कर रहे थे, उनके नजरबंद होने से कांग्रेस अब इस मुद्दे को लेकर सरकार के खिलाफ और अधिक आक्रामक रुख अपना सकती है।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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