मध्य प्रदेश
एक महीने पहले
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मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से एक बेहद ही अनोखा और दिलचस्प मामला सामने आया है, जिसने पुलिस प्रशासन की संवेदनशीलता को एक नए धरातल पर लाकर खड़ा कर दिया है। आमतौर पर पुलिस विभाग द्वारा विशेष जांच दल यानी SIT का गठन केवल हत्या, डकैती, लूटपाट और बड़े संगठित अपराधों जैसी गंभीर वारदातों की गुत्थी सुलझाने के लिए किया जाता है। लेकिन ग्वालियर पुलिस के इतिहास में शायद यह पहली बार हो रहा है जब पुलिस ने किसी खूंखार अपराधी को दबोचने के लिए नहीं, बल्कि पिछले पांच महीनों से लापता 'लड्डू गोपाल' की मूर्ति को खोजने के लिए तीन थानों की एक संयुक्त SIT का गठन किया है। यह मामला एक महिला की गहरी धार्मिक आस्था और उसके प्राणों से प्रिय आराध्य से जुड़ा हुआ है, जिसे देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने यह बड़ा कदम उठाया है।
लापता आराध्य की खोज में भटकती महिला की दर्दभरी कहानी
यह भावुक कर देने वाली कहानी ग्वालियर के सिटी सेंटर इलाके में स्थित अलकापुरी की निवासी विजया शर्मा की है। विजया शर्मा भगवान श्रीकृष्ण की परम भक्त हैं। वे अपने लड्डू गोपाल को केवल भगवान की कोई धातु की मूर्ति नहीं मानतीं, बल्कि उन्हें अपने परिवार के एक जीवित और बेहद अहम सदस्य के रूप में पूजती हैं। विजया जहां भी जाती थीं, अपने लड्डू गोपाल को हमेशा अपने साथ सहेजकर रखती थीं।
बात इसी साल 29 जनवरी की है, जब विजया अपनी बहन के साथ कोतवाली थाना क्षेत्र में स्थित एक सब्जी मंडी में रोजमर्रा की खरीदारी करने गई थीं। इसी भीड़भाड़ के बीच उनके प्रिय लड्डू गोपाल अचानक कहीं खो गए। विजया ने अपनी तरफ से मंडी के चप्पे-चप्पे को खंगाला और लोगों से पूछताछ की, लेकिन उनके आराध्य का कहीं कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद बेहद दुखी मन से वे पुलिस की शरण में पहुंचीं।
पिछले पांच महीनों से विजया शर्मा अपने लड्डू गोपाल को वापस पाने के लिए लगातार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं। वे स्थानीय कोतवाली थाने से लेकर CSP कार्यालय, SSP कार्यालय और अंत में ग्वालियर रेंज के IG दफ्तर तक गुहार लगाने पहुंचीं। विजया का कहना है कि यह लड्डू गोपाल उन्हें उनके बचपन में उनकी नानी ने दिए थे, तब से लेकर आज तक वे उनकी निरंतर सेवा कर रही हैं। उनके लिए यह केवल एक मूर्ति नहीं है, बल्कि उनकी आत्मा का एक अभिन्न हिस्सा हैं।
IG के आदेश पर तीन थानों की पुलिस हुई सक्रिय
महिला की इस गहरी तड़प और आंखों में आंसू देखकर ग्वालियर रेंज के IG अरविंद कुमार सक्सेना का दिल पसीज गया। उन्होंने इस मामले की संवेदनशीलता को समझा और तत्काल एक विशेष जांच दल का गठन करने का आदेश जारी कर दिया। IG के इस निर्देश के बाद CSP किरण अहिरवार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन अलग-अलग थानों - कोतवाली, जनकगंज और माधोगंज के पुलिस अधिकारियों व जवानों को मिलाकर एक संयुक्त SIT का गठन किया।
अब यह विशेष टीम उस सब्जी मंडी और उसके आसपास के पूरे घटनाक्रम की नए सिरे से कड़ियां जोड़ रही है। पुलिस की टीम उस क्षेत्र में लगे सभी CCTV कैमरों के फुटेज को खंगाल रही है, स्थानीय दुकानदारों से लगातार पूछताछ की जा रही है और हर छोटे से छोटे सुराग को तलाशने की कोशिश की जा रही है।
चोरी की आशंका और सपने का इशारा
जांच के दौरान शिकायतकर्ता महिला विजया शर्मा ने उस सब्जी विक्रेता पर भी गहरा संदेह व्यक्त किया है, जिससे उन्होंने घटना के दिन यानी 29 जनवरी को सब्जियां खरीदी थीं। महिला का यह भी कहना है कि उन्हें इस संबंध में एक सपना आया था, जिसमें उन्हें कुछ खास संकेत मिले हैं। इसके साथ ही कुछ स्थानीय लोगों ने भी उन्हें जानकारी दी है कि उक्त सब्जी विक्रेता ने किसी पारिवारिक या सामाजिक समारोह में लड्डू गोपाल को लेकर कुछ संदिग्ध बातें कही थीं।
हालांकि, पुलिस इस मामले में पूरी तरह से पेशेवर और वैज्ञानिक तरीके से काम कर रही है। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि वे किसी भी जल्दबाजी में नहीं हैं और महिला द्वारा दी गई सभी जानकारियों, सपनों के संकेतों और स्थानीय गवाहों के बयानों की बारीकी से जांच और सत्यापन कर रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों का संवेदनशील रुख
इस पूरे मामले को लेकर ग्वालियर रेंज के IG अरविंद कुमार सक्सेना ने अपनी बात रखते हुए कहा है:
“यह पूरा मामला पूरी तरह से एक श्रद्धालु की अटूट आस्था और उनकी आंतरिक भावनाओं से जुड़ा हुआ है। हमारी पुलिस टीम पूरी संवेदनशीलता और अत्यंत गंभीरता के साथ इस मामले की जांच कर रही है। इस विशेष जांच दल (SIT) का मुख्य और एकमात्र उद्देश्य हर संभावित सुराग का पीछा करना है ताकि जल्द से जल्द लड्डू गोपाल को सुरक्षित ढूंढकर उस महिला को सौंपा जा सके, जिससे उनकी वर्षों पुरानी आस्था को उनका खोया हुआ आराध्य वापस मिल सके।”
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