हल्दीघाटी में मुगल फौज को पीछे हटना पड़ा तो जीत किसकी? मोहन भागवत ने सुनाई 'माई एहड़ा पूत जण' की पंक्ति राजस्थान एक महीने पहले 63
उदयपुर में महाराणा प्रताप जयंती और हल्दीघाटी विजय दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत मुख्य अतिथि बने। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक तथ्यों के अनुसार हल्दीघाटी में प्रताप की ही विजय हुई थी।

उदयपुर में भव्य आयोजन

वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती और हल्दीघाटी विजय दिवस के मौके पर उदयपुर के गांधी ग्राउंड में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने महाराणा प्रताप के शौर्य, संघर्ष और राष्ट्रभक्ति को नमन किया।

स्वाभिमान और स्वतंत्रता की लड़ाई

अपने संबोधन में मोहन भागवत ने कहा कि हल्दीघाटी का युद्ध सिर्फ महाराणा प्रताप और मुगल सेना के बीच का संघर्ष नहीं था। उन्होंने इसे पूरे समाज के स्वाभिमान और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए लड़ी गई लड़ाई बताया। भागवत के अनुसार यह संघर्ष किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि समूचे समाज के आत्मगौरव से जुड़ा हुआ था।

'हल्दीघाटी में प्रताप की विजय'

भागवत ने कहा कि उपलब्ध ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर यह समझने की आवश्यकता है कि हल्दीघाटी में महाराणा प्रताप की ही विजय हुई थी। उन्होंने तर्क दिया कि युद्ध के बाद मुगल सेना को पीछे हटना पड़ा था, जिससे विजय का संकेत स्पष्ट रूप से मिलता है।

प्रसिद्ध पंक्ति का जिक्र

महाराणा प्रताप के त्याग, संघर्ष और राष्ट्रभक्ति का उल्लेख करते हुए मोहन भागवत ने मशहूर पंक्ति का जिक्र किया।

माई एहड़ा पूत जण, जेड़ा राणा प्रताप
अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप