उत्तर प्रदेश
एक घंटा पहले
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विचारों
सावन के पवित्र महीने में चारों तरफ शिवभक्तों का हुजूम दिखाई दे रहा है। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर लाखों श्रद्धालु अपने गंतव्यों की ओर बढ़ रहे हैं। इसी दौरान उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से एक बेहद अनोखी और ध्यान खींचने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां शुक्रवार दोपहर को कांवड़ मार्ग पर बुर्का पहने दो महिलाएं कांवड़ में गंगाजल लेकर गुजरती दिखाई दीं। इन महिलाओं को इस रूप में यात्रा करते देख वहां मौजूद लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और यह पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया।
सनातन धर्म की ओर कदम और भव्य स्वागत
हरिद्वार से कांवड़ लेकर आ रही इन दोनों महिलाओं की पहचान गाजियाबाद की रहने वाली तमन्ना मलिक और अनीशा के रूप में हुई है। जैसे ही ये दोनों मुजफ्फरनगर की सीमा में दाखिल हुईं, वहां मौजूद हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं के साथ उनका जोरदार स्वागत और अभिनंदन किया।
इस यात्रा के बारे में बात करते हुए तमन्ना मलिक और अनीशा ने स्पष्ट किया कि उन्होंने सनातन धर्म को स्वीकार कर लिया है। तमन्ना मलिक ने अपने विचार साझा करते हुए कहा, "इस्लाम में महिलाओं की कोई इज्जत नहीं है, इसलिए हमने सनातन धर्म अपना लिया है। सनातन धर्म में मां-बहनों की इज्जत की जाती है। इसलिए हमने घर वापसी की है।" उन्होंने दूसरी मुस्लिम महिलाओं से भी अपील की कि वे इस्लाम छोड़कर सनातन धर्म में आएं, जहां उन्हें सम्मान से जीने का अधिकार मिलेगा।
पारिवारिक सहमति और आस्था का सफर
तमन्ना मलिक ने बताया कि वह अपने परिवार की खुशहाली, सुख और शांति की कामना के साथ इस कठिन यात्रा पर निकली हैं। यह उनकी पहली कांवड़ यात्रा नहीं है। इससे पहले भी वह पिछले वर्ष फरवरी माह में कांवड़ लेकर आ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि उनके मन में किसी भी प्रकार के कट्टरपंथियों का कोई डर नहीं है, क्योंकि जो सच्चा सनातनी होता है वह किसी से नहीं डरता। फिलहाल दोनों महिलाएं गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर आगे बढ़ चुकी हैं।
मूल रूप से संभल की रहने वाली तमन्ना ने अमन त्यागी नाम के युवक से प्रेम विवाह किया था, जिसे दोनों के ही परिवारों ने सहर्ष स्वीकार कर लिया था। तमन्ना ने बताया कि इस यात्रा पर निकलने से पहले उन्होंने अपने पति और ससुराल पक्ष के लोगों से बाकायदा अनुमति ली थी। उनके पति अमन त्यागी भी इस यात्रा के दौरान उनके साथ शामिल हैं।
सौहार्द और भाईचारे का संदेश
इस अनोखी कांवड़ यात्रा को देखने के बाद मार्ग में मौजूद अन्य शिवभक्तों ने भी भारी उत्साह के साथ उनका स्वागत किया। सावन के इस पावन अवसर पर मुजफ्फरनगर जिले से होकर लाखों की संख्या में कांवड़िए गुजर रहे हैं। ऐसे समय में इस तरह की पहल समाज में आपसी भाईचारे, सहयोग और सामाजिक सौहार्द का एक बेहद सराहनीय और सकारात्मक संदेश दे रही है।
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