जापान में 7.1 तीव्रता का जोरदार भूकंप, सुनामी की चेतावनी के बाद सुरक्षित इलाकों की ओर भागे लोग विश्व एक घंटा पहले 2
जापान के क्यूशू द्वीप पर मंगलवार को 7.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया, जिसके बाद तटीय इलाकों में सुनामी की चेतावनी जारी की गई है।

जापान में एक बार फिर धरती कांप उठी है। मंगलवार की देर दोपहर देश के दक्षिणी मुख्य द्वीप क्यूशू के कुमामोटो इलाके में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 7.1 मापी गई है। भूकंप के इन जोरदार झटकों के बाद तुरंत ही प्रशासन द्वारा सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई, जिसके बाद तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों में हड़कंप मच गया और वे अपने घरों से बाहर निकल आए।

भूकंप का केंद्र और सुनामी की चेतावनी

जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के अनुसार, यह शक्तिशाली भूकंप मंगलवार शाम को ठीक 4:29 बजे आया। भूकंप का केंद्र जमीन के भीतर काफी उथला था, जिसकी गहराई समुद्र की सतह से केवल 10 किलोमीटर (लगभग 6 मील) दर्ज की गई है। इतनी कम गहराई पर आने वाले भूकंप आमतौर पर सतह पर अधिक कंपन पैदा करते हैं। भूकंप का यह केंद्र कुमामोटो के पश्चिमी हिस्से में स्थित था, जो जापान की राजधानी टोक्यो से लगभग 900 किलोमीटर (यानी 540 मील) दक्षिण-पश्चिम की दिशा में पड़ता है।

राहत की बात यह रही कि आपदा के तुरंत बाद किसी बड़े जान-माल के नुकसान या किसी के घायल होने की खबर सामने नहीं आई। इस बीच, अमेरिकी पैसिफिक सुनामी वॉर्निंग सेंटर ने राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि स्थानीय तटीय क्षेत्रों से आगे सुनामी का कोई बड़ा खतरा नहीं है।

मैक्सिको में भी आया था भीषण भूकंप

जापान से पहले पिछले सप्ताह मैक्सिको में भी कुदरत का ऐसा ही कहर देखने को मिला था। मैक्सिको के दक्षिणी राज्य चियापास के तटीय क्षेत्र में रिक्टर पैमाने पर 7.4 तीव्रता का बेहद शक्तिशाली भूकंप आया था। इस प्राकृतिक आपदा के बाद मैक्सिको प्रशासन ने भी तुरंत सुनामी की चेतावनी जारी की थी। इस भूकंप का असर इतना व्यापक था कि मध्य अमेरिका के कई हिस्सों में भी इसके तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप के इस बड़े झटके से पड़ोसी देश अल साल्वाडोर और ग्वाटेमाला भी पूरी तरह हिल गए थे।

अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) की रिपोर्ट के मुताबिक, मैक्सिको का यह भूकंप प्यूर्टो माडेरो शहर के नजदीक जमीन से केवल 10 किलोमीटर की गहराई पर आया था, जिसके कारण आसपास के विशाल क्षेत्रों में ऊंची इमारतें और मकान ताश के पत्तों की तरह हिलने लगे थे।

रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता का क्या है मतलब?

भूकंप की भयावहता और उससे होने वाले नुकसान को समझने के लिए रिक्टर स्केल का उपयोग किया जाता है। अलग-अलग पैमानों पर इसकी तीव्रता के प्रभाव को इस तरह समझा जा सकता है:

  • 4 से 4.9 तीव्रता: इस श्रेणी के भूकंप में घरों के भीतर रखा छोटा-मोटा सामान अपनी जगह से हिलकर नीचे गिर सकता है।
  • 5 से 5.9 तीव्रता: इस स्तर पर कंपन काफी तेज होता है, जिससे भारी सामान और अलमारी या सोफे जैसे भारी फर्नीचर भी अपनी जगह से खिसक सकते हैं।
  • 6 से 6.9 तीव्रता: इतने शक्तिशाली झटकों के कारण बड़ी और मजबूत इमारतों के आधार यानी बेस में दरारें आ सकती हैं।
  • 7 से 7.9 तीव्रता: इस बेहद खतरनाक श्रेणी के भूकंप में बड़ी-बड़ी इमारतें और घर पूरी तरह से ढह सकते हैं।
  • 8 से 8.9 तीव्रता: इस तीव्रता का भूकंप आने पर समुद्र में विनाशकारी सुनामी का खतरा पैदा हो जाता है और बड़े पैमाने पर तबाही मचती है।
  • 9 या उससे अधिक तीव्रता: यह भूकंप की सबसे भयानक और विनाशकारी स्थिति होती है, जिसमें पूरी सभ्यता और बुनियादी ढांचा पूरी तरह नष्ट हो जाता है।
साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप