मानसून के दौरान बंद हुआ सरिस्का का कोर एरिया, फिर भी सैलानी देख सकेंगे 11 बाघ जीवनशैली 3 महीने पहले 133
सरिस्का टाइगर रिजर्व में मानसून की दस्तक के साथ ही कोर क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है, हालांकि बफर जोन में सफारी का विकल्प खुला रहेगा।

मानसून के चलते सरिस्का में बदलाव

मानसून के आगमन के साथ ही अलवर स्थित सरिस्का टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने बड़ा फैसला लिया है। वन क्षेत्र की सुरक्षा और वन्यजीवों के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए सरिस्का का कोर एरिया पर्यटकों के लिए आगामी तीन महीनों तक पूरी तरह बंद कर दिया गया है। यह निर्णय हर साल बारिश के मौसम में लिया जाता है ताकि जंगल के भीतर वन्यजीवों को शांति मिल सके और उनके प्रजनन काल में कोई व्यवधान न आए।

बफर जोन में सफारी का मौका

कोर एरिया बंद होने के बावजूद वन्यजीव प्रेमियों को निराश होने की जरूरत नहीं है। सरिस्का प्रशासन के अनुसार, पर्यटक बफर जोन में सफारी का लुत्फ उठा सकते हैं। हाल के दिनों में बफर क्षेत्र में बाघों की सक्रियता और उनकी संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस इलाके में वर्तमान में 11 बाघ मौजूद हैं, जिससे पर्यटकों के लिए बाघों के दीदार की बेहतर संभावनाएं बनी हुई हैं।

सड़कों की मरम्मत और सुरक्षा

पर्यटकों की सुगमता और सुरक्षा के लिए रिजर्व प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं। बफर जोन में जाने वाले रास्तों की मरम्मत कराई गई है ताकि बारिश में भी सफारी सुचारू रूप से चल सके। इसके साथ ही जंगल में निगरानी तंत्र को और अधिक मजबूत किया गया है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी न हो।

श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए नियम

सरिस्का प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पांडुपोल हनुमान मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए रास्ता खुला रहेगा। मंदिर दर्शन के लिए जाने वाले भक्त नियमों का पालन करते हुए आवाजाही कर सकेंगे। हालांकि, इस दौरान क्षतिग्रस्त वाले किला मार्ग पर पर्यटकों और श्रद्धालुओं के प्रवेश पर सख्ती से रोक लगा दी गई है। सुरक्षा कारणों से इस मार्ग को बंद रखा जाएगा।

प्रिया नायर पाबना की लाइफस्टाइल एवं फैशन एडिटर हैं, जो फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल ट्रेंड्स कवर करती हैं। रिश्तों, संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर भी वे लिखती हैं। उनका लेखन आधुनिक और भारतीय जीवनशैली का संतुलन पेश करता है।

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