सावन में शिव भक्तों के लिए बड़ी खुशखबरी, देवघर से गुवाहाटी तक अब सीधी उड़ान से करें सफर जीवनशैली 3 महीने पहले 131
बाबा बैद्यनाथ धाम और मां कामाख्या मंदिर के भक्तों के लिए हवाई सफर आसान होने जा रहा है, क्योंकि देवघर से गुवाहाटी के बीच नई सीधी हवाई सेवा 4 अगस्त से शुरू हो रही है।

देवघर और गुवाहाटी अब सीधी हवाई सेवा से जुड़ेंगे

सावन के पावन महीने में बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक शानदार खबर सामने आई है। संथाल परगना के इस प्रमुख क्षेत्र से अब पूर्वोत्तर भारत की कनेक्टिविटी और भी मजबूत होने जा रही है। देवघर हवाई अड्डे से गुवाहाटी के लिए सीधी विमान सेवा की शुरुआत 4 अगस्त से होने जा रही है। इस सेवा के शुरू होने से न केवल झारखंड बल्कि बिहार और आसपास के राज्यों के उन भक्तों को भी बड़ी राहत मिलेगी, जो एक साथ बाबा बैद्यनाथ और मां कामाख्या के दर्शन का संकल्प लेकर निकलते हैं।

धार्मिक पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान

बाबा बैद्यनाथ धाम और मां कामाख्या मंदिर दोनों ही भारत के बड़े आस्था के केंद्र हैं। अब तक इन दोनों धार्मिक स्थलों के बीच यात्रा करने के लिए श्रद्धालुओं को कोलकाता, दिल्ली या अन्य शहरों के रास्ते लंबा सफर तय करना पड़ता था, जिसमें काफी समय और पैसा खर्च होता था। नई उड़ान सेवा के शुरू होने से धार्मिक पर्यटन को एक नई गति मिलेगी और भक्त कम समय में अपनी यात्रा पूरी कर सकेंगे। श्रावणी मेले के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस नई उड़ान को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विमान सेवा का समय और शेड्यूल

देवघर हवाई अड्डे के टर्मिनल मैनेजर सूर्या ने इस नई सेवा के बारे में विस्तृत जानकारी दी है। यह उड़ान सेवा सप्ताह में दो दिन उपलब्ध रहेगी। शेड्यूल के मुताबिक, यह विमान हर मंगलवार और शुक्रवार को संचालित होगा। उड़ान का समय इस तरह तय किया गया है कि यात्रियों को ज्यादा इंतजार न करना पड़े। विमान सुबह 11 बजकर 20 मिनट पर देवघर हवाई अड्डे पर उतरेगा और करीब 11 बजकर 40 मिनट पर वापस गुवाहाटी के लिए उड़ान भर लेगा। इस सेवा से व्यापार करने वाले लोगों, छात्रों और दूर-दराज से आने वाले धार्मिक यात्रियों को काफी सुविधा होगी।

दिल्ली के लिए रात्रि विमान सेवा में भी बढ़ोतरी

केवल गुवाहाटी ही नहीं, बल्कि दिल्ली जाने वाले यात्रियों के लिए भी देवघर एयरपोर्ट प्रशासन ने बड़ी घोषणा की है। 1 अगस्त से दिल्ली के लिए रात्रिकालीन विमान सेवा दोबारा शुरू की जा रही है। श्रावणी मेले के दौरान देवघर में श्रद्धालुओं की भीड़ और यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। प्रशासन के अनुसार, अगर यात्रियों की संख्या में इसी तरह इजाफा होता रहा, तो भविष्य में अन्य प्रमुख शहरों के लिए भी नई उड़ानों की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।

क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन पर असर

देवघर हवाई अड्डा तेजी से पूर्वी भारत के एक प्रमुख हवाई केंद्र के रूप में अपनी जगह बना रहा है। दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और बेंगलुरु के बाद अब गुवाहाटी का जुड़ना देवघर की कनेक्टिविटी में एक बड़ी उपलब्धि है। इस विकास का सीधा असर स्थानीय पर्यटन उद्योग, होटल व्यवसाय, टैक्सी संचालकों और छोटे व्यापारियों पर देखने को मिलेगा। सावन के महीने में लाखों श्रद्धालु देवघर पहुंचते हैं और ऐसे समय में नई उड़ानों के संचालन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम

हवाई अड्डा प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि श्रावणी मेले के दौरान प्रमुख रूटों पर यात्रियों की संख्या में 20 से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि होने का अनुमान है। यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए उड़ानों को समय पर संचालित करने की पूरी तैयारी है। नई हवाई सेवा न केवल श्रद्धालुओं के लिए एक तोहफा है, बल्कि यह झारखंड के पर्यटन और आर्थिक विकास की दिशा में भी एक क्रांतिकारी कदम साबित हो सकती है। अब श्रद्धालु बहुत ही कम समय में बाबा बैद्यनाथ के दरबार से सीधे मां कामाख्या के दरबार तक की यात्रा तय कर सकेंगे।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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