पश्चिम बंगाल में फिर गरमाया अंडा पॉलिटिक्स, सांसद महुआ मोइत्रा पर हमले के बाद TMC और BJP आमने-सामने भारत 3 महीने पहले 112
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के नेताओं पर अंडे और बैंगन फेंकने की घटनाओं ने राजनीतिक पारा बढ़ा दिया है, जिसमें सांसद महुआ मोइत्रा हालिया शिकार बनी हैं। हाई कोर्ट की नाराजगी के बावजूद इस मुद्दे पर TMC और BJP के बीच तीखी बयानबाजी जारी है।

कोलकाता में अंडा-डेमोक्रेसी का नया दौर

पश्चिम बंगाल की राजनीति में विरोध प्रदर्शन का तरीका अब नाटकीय रूप लेता जा रहा है। अभिषेक बनर्जी के बाद अब तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा को निशाना बनाया गया है। बुधवार को कृष्णानगर में जब मोइत्रा पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ एक बैठक में शामिल थीं, तब उन पर अंडे और बैंगन फेंके गए। मोइत्रा ने अपने सोशल मीडिया फेसबुक लाइव के माध्यम से सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं पर यह हमला करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह घटना राज्य की कानून-व्यवस्था की बदतर स्थिति को दर्शाती है। दिलचस्प बात यह है कि यह घटना ऐसे वक्त में हुई है जब कलकत्ता हाई कोर्ट ने हाल ही में राजनेताओं पर अंडे फेंकने की बढ़ती घटनाओं पर राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई थी और इसे एक सामाजिक बुराई करार दिया था।

भारतीय जनता पार्टी का पक्ष और सफाई

सांसद महुआ मोइत्रा पर हुए हमले के बाद भाजपा के कई नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी है और हमले में सीधे तौर पर पार्टी का हाथ होने से इनकार किया है। पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य का कहना है कि यह तृणमूल कांग्रेस की अंदरूनी कलह का नतीजा है। उन्होंने तर्क दिया कि पुलिस के पास कोई ऐसी मशीन या मेटल डिटेक्टर नहीं होता जिससे जेब में रखे अंडों का पता चल सके। उन्होंने इसे बंगाल की छवि खराब करने वाला कृत्य बताया। वहीं, भाजपा विधायक शंकर सिकदर ने तंज कसते हुए कहा कि जनता उन लोगों से हिसाब मांग रही है जिन्होंने लंबे समय तक उन पर जुल्म किए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर पहले टीएमसी के विरोध में पत्थरबाजी को जायज माना गया था, तो अब अंडे फेंके जाने पर इतना शोर क्यों मचाया जा रहा है। इसी तरह, पश्चिम बंगाल के मंत्री डॉ. शरद्वत मुखर्जी ने भी इसे लेकर तीखे तेवर अपनाए। उन्होंने कहा कि चोर को चोर कहा जाना ही चाहिए और विपक्ष के नेताओं को यह याद रखना चाहिए कि कैसे डायमंड हार्बर में दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के अध्यक्ष पर पत्थर फेंके गए थे।

तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का आक्रोश

दूसरी ओर, टीएमसी के खेमे में इस घटना को लेकर काफी नाराजगी है। विधायक सोवनदेब चट्टोपाध्याय ने कहा कि पश्चिम बंगाल में अब यही संस्कृति विकसित हो गई है जहां कोई भी सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी ममता बनर्जी के नेतृत्व में सड़कों पर उतरकर आम जनता के बीच फिर से काम करेगी। टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रशासन की निष्क्रियता से ऐसा लगता है कि राज्य में तृणमूल कांग्रेस का गला घोंटने की कोशिश की जा रही है। वहीं, पार्टी प्रवक्ता रिजु दत्ता ने इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए कहा कि महुआ मोइत्रा एक महिला सांसद हैं और उनके साथ इस तरह का व्यवहार किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मनाक है। उन्होंने वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि वहां पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल यानी सीआरपीएफ की मौजूदगी के बावजूद हमलावर बेखौफ थे। उन्होंने मुख्यमंत्री से पुलिस को कड़े निर्देश देने की गुजारिश की ताकि इस तरह की घटनाओं पर विराम लग सके।

वीडियो और वायरल तस्वीरें

बुधवार को सामने आए वीडियो फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि विरोध करने वाले लोगों की एक बड़ी भीड़ इमारत के बाहर जुटी हुई थी। प्रदर्शनकारियों ने न केवल काले झंडे दिखाए बल्कि मोइत्रा को 'वापस जाओ' के नारे भी लगाए। इमारत की ऊपरी मंजिल से फेसबुक लाइव के दौरान महुआ मोइत्रा ने साफ तौर पर कहा कि जो लोग यह कर रहे हैं वे आम नागरिक नहीं बल्कि भाजपा के गुंडे हैं। घटनाक्रम के दौरान फेंके गए अंडे और बैंगन ने न केवल राजनीति को गरमाया है, बल्कि एक बार फिर बंगाल की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि भाजपा नेतृत्व लगातार इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे जनता का आक्रोश बता रहा है, लेकिन आने वाले दिनों में यह 'अंडा राजनीति' बंगाल के राजनीतिक माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना सकती है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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