तुलसी का पौधा बार-बार सूख जाता है, तो जड़ में डाल दें 10 रुपये की यह चीज जीवनशैली एक महीने पहले 25
अगर आपके घर का तुलसी का पौधा भी बार-बार मुरझा जाता है या सूख रहा है, तो ये आसान टिप्स अपनाकर आप इसे हमेशा हरा-भरा बनाए रख सकते हैं।

तुलसी की देखभाल के आसान तरीके

अक्सर घरों में लगी तुलसी का पौधा थोड़ी सी लापरवाही के कारण सूखने लगता है। हिंदू धर्म में पवित्र मानी जाने वाली तुलसी को आयुर्वेद में भी औषधीय गुणों का खजाना बताया गया है। यदि आप भी अच्छी देखभाल के बावजूद तुलसी की पत्तियां पीली पड़ने और पौधे के कमजोर होने की समस्या से परेशान हैं, तो कुछ सरल घरेलू उपाय आपके काम आ सकते हैं।

10 रुपये में मिलेगी फिटकरी

बागवानी के जानकारों का मानना है कि तुलसी के पौधे को स्वस्थ रखने के लिए फिटकरी का सीमित इस्तेमाल काफी फायदेमंद हो सकता है। बाजार में फिटकरी आसानी से 10 रुपये के आसपास मिल जाती है। इसका उपयोग करने का सही तरीका यह है:

  • एक लीटर पानी में फिटकरी का एक बहुत छोटा टुकड़ा घोल लें।
  • तैयार घोल को महीने में केवल एक या दो बार ही तुलसी की जड़ में डालें।
  • ध्यान रखें कि फिटकरी का अत्यधिक प्रयोग न करें, क्योंकि इससे पौधे को नुकसान पहुंच सकता है।

प्राकृतिक खाद का महत्व

तुलसी को पोषण देने के लिए आपको महंगे बाजारू उर्वरकों की आवश्यकता नहीं है। आप घर पर उपलब्ध चीजों से इसे खाद दे सकते हैं:

  • चायपत्ती का इस्तेमाल, केले के छिलकों की खाद या गोबर की खाद का उपयोग करें।
  • ये प्राकृतिक खाद मिट्टी में पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ाकर पौधे की ग्रोथ को बेहतर बनाती हैं।
  • पौधे में दिख रही सूखी या पीली पत्तियों को समय-समय पर हटाते रहें।
  • समय-समय पर हल्की छंटाई करने से तुलसी घना और हरा-भरा बना रहता है।

धूप और पानी का संतुलन

तुलसी के पौधे को हरा-भरा बनाए रखने के लिए वातावरण के साथ सामंजस्य बिठाना बेहद जरूरी है:

  • तुलसी को प्रतिदिन 4 से 6 घंटे की धूप मिलनी चाहिए।
  • मिट्टी में हमेशा हल्की नमी बनी रहनी चाहिए, लेकिन गमले में पानी बिल्कुल जमा न होने दें।
  • ज्यादा पानी देने से जड़ें गल सकती हैं, जिससे पौधा सूखने लगता है।
  • गमले में जल निकासी की व्यवस्था उत्तम होनी चाहिए।
  • अत्यधिक तेज हवाओं और लगातार बारिश से भी पौधे का बचाव करें।
प्रिया नायर पाबना की लाइफस्टाइल एवं फैशन एडिटर हैं, जो फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल ट्रेंड्स कवर करती हैं। रिश्तों, संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर भी वे लिखती हैं। उनका लेखन आधुनिक और भारतीय जीवनशैली का संतुलन पेश करता है।

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