कॉटन के कपड़े खरीदने जा रहे हैं तो सावधान, असली और नकली की पहचान करने के आसान तरीके जीवनशैली 2 घंटे पहले 5
बाजार में खरीदारी करते समय अक्सर दुकानदार मिक्स फैब्रिक को प्योर कॉटन बताकर बेच देते हैं, ऐसे में कुछ आसान ट्रिक्स अपनाकर आप ठगी का शिकार होने से बच सकते हैं।

कपड़ों की परख और वर्तमान समय की चुनौती

किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व को संवारने में कपड़ों का बड़ा योगदान होता है। यही कारण है कि आज के दौर में भी बहुत से लोग रेडीमेड गारमेंट्स की तुलना में अपनी पसंद और सही फिटिंग के लिए कट पीस से कपड़े खरीदना ज्यादा पसंद करते हैं। कट पीस बाजार की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यहां ग्राहकों को एक ही जगह पर विभिन्न रंगों, डिजाइनों, अलग-अलग फैब्रिक और गुणवत्ता के व्यापक विकल्प मिलते हैं। हालांकि, समय के साथ कपड़ों को परखने का नजरिया भी काफी बदल चुका है। पहले के समय में लोग सिर्फ कपड़े को हाथ से छूकर ही उसकी मोटाई, गुणवत्ता और आराम के स्तर को आसानी से भांप लेते थे। लेकिन आज की युवा पीढ़ी मुख्य रूप से कपड़े के टैग या दुकानदार द्वारा बताए गए नाम के आधार पर ही खरीदारी कर लेती है। इसी जल्दबाजी के कारण कई बार ग्राहक गलत फैब्रिक खरीद बैठते हैं और बाद में पछताते हैं।

दुकानदारों के दावों से रहें सतर्क

झुमरी तिलैया की कलाली रोड स्थित कॉटन वर्ल्ड के संचालक मिनहाज अंसारी के अनुसार, अक्सर ग्राहक ऐसी शिकायतें लेकर आते हैं कि उन्हें किसी अन्य दुकानदार ने मिक्स फैब्रिक को 100% शुद्ध कॉटन बताकर बेच दिया है। इतना ही नहीं, बाजार में लिनन फैब्रिक को भी कई बार शुद्ध कॉटन के नाम पर ग्राहकों को थमाया जाता है। मिनहाज का कहना है कि बाजार में कपड़ों की अनगिनत रेंज और विभिन्न स्तर की क्वालिटी उपलब्ध है, जिसे एक आम ग्राहक के लिए समझ पाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। यदि आप सही फैब्रिक की बुनियादी पहचान जान लेंगे, तो आप किसी भी प्रकार के धोखे से बच सकते हैं।

मुट्ठी में दबाकर करें असली कॉटन की पहचान

प्योर कॉटन को पहचानने का सबसे सरल और प्रभावी तरीका मुट्ठी वाला टेस्ट है। इसके लिए कपड़े के एक हिस्से को अपने हाथ में लें और उसे कसकर मुट्ठी में दबाएं। यदि कपड़े को कुछ देर बाद छोड़ने पर उस पर स्पष्ट रूप से सलवटें यानी रिंकल्स पड़ जाती हैं, तो यह शुद्ध कॉटन होने की निशानी है। इसके विपरीत, जो कपड़े दो अलग-अलग प्रकार के धागों या मिक्स फैब्रिक से बने होते हैं, वे देखने में अधिक मखमली और उनमें एक अलग तरह की चमक होती है। इस प्रकार के मिक्स कपड़े को जब आप मुट्ठी में दबाते हैं, तो उन पर कॉटन की तरह गहरी और स्थायी रिंकल्स नहीं आती हैं।

पेपर सिल्क और उसकी विशेषताएं

मिनहाज ने बताया कि बाजार में कॉटन की एक लोकप्रिय रेंज पेपर सिल्क के नाम से भी जानी जाती है। यह विशेष रूप से गर्मियों के मौसम में बहुत आरामदायक माना जाता है, क्योंकि इसमें पसीना सोखने की अद्भुत क्षमता होती है। पेपर सिल्क की पहचान करने के लिए भी आप कपड़े को हाथ से मोड़कर देख सकते हैं। इसमें सामान्य कॉटन के मुकाबले और भी गहरी सलवटें उभरती हैं, जो इसकी गुणवत्ता को दर्शाती हैं।

प्रीमियम कॉटन की चमक और सफाई

शर्ट के लिए उपयोग होने वाले कपड़ों में प्रीमियम कॉटन भी आजकल काफी चलन में है। यह देखने में अन्य सामान्य सूती कपड़ों की तुलना में अधिक चमकदार और आकर्षक लगता है। यदि आप इसकी मोटाई की तुलना करेंगे, तो यह सामान्य कॉटन से थोड़ा अधिक मोटा होता है। इस फैब्रिक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इस पर पड़ने वाले दाग-धब्बे बहुत आसानी से साफ हो जाते हैं।

लिनन और कॉटन के बीच का अंतर

बाजार में शर्ट और कुर्ते के लिए लिनन कॉटन फैब्रिक भी काफी मात्रा में बेचा जाता है। कई बार इसे ही ग्राहक प्योर कॉटन समझकर खरीद लेते हैं। लिनन कॉटन की पहचान करने के लिए आप कपड़े को गौर से देखें। इसमें स्ट्रिप या धारी के आकार के धागों का विशेष डिजाइन दिखाई देता है। लिनन फैब्रिक काफी लचीला और देखने में काफी स्टाइलिश होता है। इसे भी जब हाथ में दबाया जाता है, तो इसमें कॉटन की तुलना में कहीं ज्यादा गहरी सलवटें बनती हैं। इन बारीकियों को समझकर आप हमेशा अपनी मेहनत की कमाई का सही मोल चुका सकते हैं और बेहतरीन गुणवत्ता वाले कपड़े घर ला सकते हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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