विंबलडन 2026: सेरेना विलियम्स की निराशाजनक वापसी, 20 साल की माया जॉइंट के सामने अनुभवी दिग्गज की हार खेल एक महीने पहले 71
टेनिस जगत की दिग्गज खिलाड़ी सेरेना विलियम्स करीब चार साल बाद विंबलडन सिंगल्स में उतरीं, लेकिन उन्हें ऑस्ट्रेलिया की युवा खिलाड़ी माया जॉइंट से कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा।

विंबलडन में सेरेना की वापसी पर फिरा पानी

टेनिस की दुनिया में वापसी कर रहीं 44 वर्षीय अमेरिकी खिलाड़ी सेरेना विलियम्स के लिए विंबलडन 2026 का सफर बेहद छोटा साबित हुआ। लगभग चार साल के लंबे अंतराल के बाद सिंगल्स मैच खेलने उतरीं इस अनुभवी खिलाड़ी को अपने से आधी उम्र की ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी माया जॉइंट ने शुरुआती दौर में ही बाहर का रास्ता दिखा दिया। इस रोमांचक मुकाबले में 20 साल की माया जॉइंट ने सेरेना को 6-3, 6-7 (6), 6-3 के सेटों से मात दी। माया के करियर का यह विंबलडन में पहला सिंगल्स मुकाबला है जिसमें उन्हें जीत हासिल हुई है।

युवा जोश के आगे टिक नहीं पाया अनुभव

दुनिया की पूर्व नंबर एक टेनिस स्टार सेरेना विलियम्स ने जब कोर्ट पर कदम रखा, तो उम्मीदें काफी अधिक थीं। 23 बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन ने अपने खेल में वही पुरानी ताकत और शानदार ग्राउंडस्ट्रोक्स की झलक दिखाई, जिसने उन्हें ऑल इंग्लैंड क्लब में सात सिंगल्स खिताब दिलाए हैं। हालांकि, उनकी फिटनेस और लय पहले जैसी दबदबे वाली नहीं दिखी। वर्ल्ड रैंकिंग में 87वें स्थान पर मौजूद माया जॉइंट ने सेरेना की तेज रफ्तार गेंदों का डटकर सामना किया। सेंटर कोर्ट पर खेलते हुए माया ने कई ऐसे सटीक शॉट लगाए जो सेरेना की पहुंच से काफी दूर थे।

मुकाबला था कड़ा और रोमांचक

स्कोरबोर्ड की बात करें तो यह मुकाबला किसी भी तरह से एकतरफा नहीं रहा। सेरेना ने अपने लंबे अनुभव का पूरा लाभ उठाने की कोशिश की और माया जॉइंट को हर मोड़ पर कड़ी चुनौती दी। पहला सेट हारने के बाद सेरेना ने दूसरे सेट में शानदार वापसी की और मुकाबला टाई-ब्रेकर तक ले गईं, जहां उन्हें 7-6 से जीत मिली। हालांकि, तीसरे और निर्णायक सेट में माया ने अपना दबदबा बनाए रखा और 6-3 से जीत दर्ज कर मैच अपने नाम कर लिया। यह देखना रोचक था कि कैसे 23 बार की ग्रैंड स्लैम विजेता ने मैच पॉइंट को बचाया, लेकिन अंततः वह जीत हासिल करने में नाकाम रहीं।

माया जॉइंट की बड़ी सफलता

ऑस्ट्रेलिया की माया जॉइंट के लिए यह दिन ऐतिहासिक रहा क्योंकि यह उनकी विंबलडन में पहली जीत थी। माया के लिए यह टूर्नामेंट का दूसरा अनुभव था, क्योंकि पिछले साल उन्हें पहले ही दौर में बाहर होना पड़ा था। उनकी हालिया फॉर्म का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने पिछले साल ईस्टबॉर्न में विंबलडन के वार्म-अप टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम किया था।

बेटियों के सामने खेलते हुए भावुक हुईं सेरेना

मैच के बाद अपनी वापसी के कारणों पर बात करते हुए सेरेना ने बताया कि उनकी दोनों बेटियों की स्कूल की छुट्टियों ने उन्हें कोर्ट पर लौटने के लिए प्रेरित किया। यह एक विशेष मौका था क्योंकि उनकी छोटी बेटी अदीरा, जो करीब तीन साल की है, ने पहली बार अपनी मां को सिंगल्स मैच खेलते हुए देखा। अदीरा अपनी बड़ी बहन ओलंपिया के साथ प्लेयर्स बॉक्स की पहली पंक्ति में बैठकर अपनी मां का उत्साह बढ़ा रही थीं। बता दें कि सेरेना ने टूर्नामेंट से पहले दो डबल्स मैच खेलकर अपनी वापसी का संकेत दिया था, लेकिन साल 2022 यूएस ओपन के बाद यह उनका पहला सिंगल्स मैच था। विंबलडन सिंगल्स में सेरेना के नाम रिकॉर्ड 98 जीत दर्ज हैं, लेकिन इस बार का सफर उन्हें मायूसी के साथ खत्म करना पड़ा।

विवेक शर्मा पाबना के खेल संवाददाता हैं, जो क्रिकेट, फुटबॉल और अन्य खेलों की खबरें कवर करते हैं। मैचों के विश्लेषण, खिलाड़ियों की उपलब्धियों और टूर्नामेंट्स पर उनकी गहरी पकड़ है। वे खेल प्रेमियों के लिए हर बड़ी खबर तेजी और सटीकता के साथ लाते हैं।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप