तेलंगाना: तहसीलदार सुचरिता के ठिकानों पर एसीबी का छापा, करोड़ों की काली कमाई और बेहिसाब संपत्ति का पर्दाफाश भारत 3 महीने पहले 142
तेलंगाना के शमीरपेट में पदस्थ तहसीलदार थुम्माकोम्मा सुचरिता के खिलाफ भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई की है। छापेमारी में अधिकारी की आय से कहीं अधिक संपत्ति और करोड़ों रुपये के निवेश का खुलासा हुआ है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी का कड़ा प्रहार

तेलंगाना के भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए शमीरपेट की सस्पेंड की गई तहसीलदार और जॉइंट सब-रजिस्ट्रार थुम्माकोम्मा सुचरिता के खिलाफ आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया है। जांच में यह सामने आया है कि सरकारी सेवा में रहते हुए उन्होंने अवैध और संदिग्ध रास्तों से अकूत धन-संपदा जुटाई थी। इस मामले के सिलसिले में एसीबी की टीमों ने तहसीलदार के आवास सहित उनके रिश्तेदारों और करीबियों से जुड़े कुल तीन अन्य स्थानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया।

करोड़ों की संपत्ति और कीमती आभूषण बरामद

छापेमारी के दौरान जांच अधिकारियों को जो संपत्तियां मिली हैं, उन्होंने सभी को चौंका दिया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, बरामदगी की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  • सिद्दिपेट जिले के डामराकुंटा गांव में 2 एकड़ और 17 गुंटा जमीन।
  • हैदराबाद के विभिन्न इलाकों में स्थित 3 फ्लैट।
  • कीसारा और खानामेट गांवों में 2 प्लॉट।
  • मौके से 12 लाख रुपये नकद और 38 लाख रुपये का बैंक बैलेंस।
  • 1.20 करोड़ रुपये मूल्य के सोने और हीरे के गहने।
  • 2 कारें।

एसीबी के मुताबिक, अभी तक सामने आई संपत्तियों की कुल कीमत 5.05 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। हालांकि, अधिकारियों का मानना है कि इन अचल संपत्तियों की मौजूदा बाजार दर कागजों पर दर्ज मूल्य से कहीं ज्यादा है। इसके अलावा, जांचकर्ताओं को 12 एकड़ कृषि भूमि से संबंधित दस्तावेज भी हाथ लगे हैं। अधिकारियों का अनुमान है कि इन सभी संपत्तियों की कुल बाजार कीमत करीब 20 करोड़ रुपये हो सकती है। फिलहाल, अभी और भी संपत्तियों की पुष्टि की जा रही है और जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है।

पहले से ही जेल में हैं सुचरिता

गौरतलब है कि सुचरिता पर यह गाज पहली बार नहीं गिरी है। उन्हें रिश्वतखोरी के एक अन्य मामले में बीते 26 मई को ही गिरफ्तार कर लिया गया था। सरकारी काम को अंजाम देने के बदले में उन्होंने एक व्यक्ति से 30 लाख रुपये की मांग की थी और 2 लाख रुपये की घूस लेते हुए पकड़ी गई थीं। उस मामले में उन्हें विशेष अदालत में पेश किए जाने के बाद न्यायिक हिरासत में भेजा गया था, जहाँ वे अभी भी बंद हैं। इस घटनाक्रम के बाद, सरकार ने 24 जून को उन्हें आधिकारिक तौर पर सस्पेंड कर दिया था।

भ्रष्टाचार के खिलाफ अपील

एसीबी ने आम जनता से भ्रष्टाचार के खिलाफ आगे आने की अपील की है। ब्यूरो ने कहा है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है, तो नागरिक इसकी सूचना तुरंत टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1064 पर दें। एसीबी का कहना है कि भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने के लिए नागरिकों का सहयोग अनिवार्य है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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