बेऊर जेल से बाहर आए तेज प्रताप यादव, 25 जुलाई को हुई थी गिरफ्तारी बिहार एक घंटा पहले 4
जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव को जेल से रिहाई मिल गई है। नीट पेपर लीक मामले को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्हें हिरासत में लेने के बाद गिरफ्तार किया गया था।

तेज प्रताप यादव को मिली जेल से रिहाई

बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और जनशक्ति जनता दल यानी जेजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव आखिरकार जेल से रिहा हो गए हैं। उनकी रिहाई के बाद पटना की बेऊर जेल के बाहर का माहौल बदल गया। वहां बड़ी संख्या में उनके समर्थक और पार्टी कार्यकर्ता अपने नेता का स्वागत करने के लिए मौजूद थे। जेल के मुख्य द्वार से बाहर निकलते ही तेज प्रताप ने वहां मौजूद अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं का हाथ जोड़कर अभिवादन स्वीकार किया। हालांकि, इस दौरान उन्होंने मीडिया के किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया और बिना कोई बयान दिए अपनी गाड़ी में सवार होकर सीधे अपने आवास के लिए रवाना हो गए।

बिहार बंद और गिरफ्तारी की पूरी कहानी

तेज प्रताप यादव की मुश्किलें नीट पेपर लीक मामले के विरोध में आयोजित देशव्यापी प्रदर्शन के दौरान शुरू हुई थीं। 25 जुलाई को पटना में जब छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, तब तेज प्रताप भी उनके साथ इस आंदोलन में शामिल हुए थे। उन पर आरोप लगा कि उन्होंने बिहार बंद के दौरान राज्य का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की है। इसी आधार पर पुलिस ने उन्हें उस समय हिरासत में ले लिया था और अपनी गाड़ी में बैठाकर ले गई थी।

हिरासत से गिरफ्तारी तक का सफर

गिरफ्तारी से ठीक पहले हिरासत में लिए जाते समय तेज प्रताप यादव ने अपने तेवर साफ कर दिए थे। उन्होंने कहा था कि वे छात्रों के साथ मजबूती से खड़े हैं और उनके हक के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। उस दिन प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर पुलिस और छात्रों के बीच तीखी बहस और टकराव की खबरें भी सामने आई थीं। हालांकि शुरुआत में हिरासत में लेने के बाद उन्हें छोड़ा गया था, लेकिन बाद में जब तेज प्रताप एक मॉल में पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें फिर से पकड़ लिया और औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। उसी रात उन्हें ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहाँ से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेज दिया गया था।

तेजस्वी यादव की सरकार को चेतावनी

तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी ने राज्य की राजनीति को गरमा दिया था। उनके छोटे भाई तेजस्वी यादव ने इस गिरफ्तारी का कड़ा विरोध किया था। तेजस्वी ने सरकार को सीधी चेतावनी दी थी कि यदि तेज प्रताप समेत अन्य गिरफ्तार विधायकों और छात्रों को तुरंत रिहा नहीं किया गया, तो सरकार को एक बड़े और उग्र आंदोलन का सामना करना पड़ेगा।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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