राष्ट्रीय राजनीति
एक दिन पहले
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तमिलनाडु में पंचायत चुनावों का इंतजार और बढ़ा
तमिलनाडु में ग्रामीण स्थानीय निकाय चुनावों की प्रतीक्षा कर रहे लोगों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने पंचायत चुनाव कराने की दिशा में फिलहाल ब्रेक लगा दिया है। शासन ने राज्य के ग्रामीण स्थानीय निकायों की प्रशासनिक व्यवस्था संभाल रहे विशेष अधिकारियों की सेवा अवधि में विस्तार करने का फैसला लिया है। सरकार के नए आदेश के बाद ये विशेष अधिकारी अब 19 अप्रैल 2027 तक अपने पदों पर बने रहेंगे और ग्रामीण निकायों की जिम्मेदारी संभालते रहेंगे।
स्थानीय निकाय चुनाव टलने की मुख्य वजहें
पंचायत चुनाव को आगे बढ़ाने के पीछे प्रशासनिक स्तर पर कुछ बेहद महत्वपूर्ण कारण बताए गए हैं। परिसीमन और विलय से जुड़े कई जरूरी काम अब भी पूरे नहीं हो सके हैं, जिसके चलते चुनाव टालना पड़ा है। मुख्य कारणों में निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:
- 46 ग्रामीण निकायों का विलय: राज्य के 46 ग्रामीण निकायों को शहरी निकायों में शामिल करने यानी विलय की प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो पाई है।
- वार्ड परिसीमन कार्य: चुनाव से पहले वार्डों का नए सिरे से परिसीमन (सीमा तय करने का काम) पूरा होना आवश्यक है, जो अभी लंबित चल रहा है।
मार्च 2027 के बाद ही हो सकेंगे चुनाव
एक वरिष्ठ अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार, तमिलनाडु में निकाय चुनावों का आयोजन मार्च 2027 के बाद ही संभव हो पाएगा। जब तक वार्डों के परिसीमन का काम और ग्रामीण निकायों के विलय की प्रक्रिया पूरी तरह खत्म नहीं हो जाती, तब तक चुनाव की तारीखें तय नहीं की जा सकतीं।
विशेष अधिकारियों का कार्यकाल 19 अप्रैल 2027 तक बढ़ा दिए जाने से ग्रामीण क्षेत्रों के विकास कार्यों और प्रशासनिक कामकाज में कोई बाधा नहीं आएगी। राज्य सरकार इन कार्यों को पूरा करने के बाद ही पंचायत चुनावों की आधिकारिक समय सारणी जारी करेगी, तब तक प्रशासनिक कमान इन्हीं अधिकारियों के पास बनी रहेगी।
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