भारत
4 घंटे पहले
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सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
दिल्ली में शनिवार को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान विपक्षी दलों के कई बड़े नेताओं को एहतियातन हिरासत में लिए जाने का मामला अब सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंच गया है। वरिष्ठ अधिवक्ता और TMC की राज्यसभा सांसद मेनका गुरुस्वामी ने इस कार्रवाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हिरासत में लिए गए नेताओं में 4 पूर्व मुख्यमंत्री भी शामिल हैं। कोर्ट ने इस मामले की अर्जेंसी को देखते हुए इसे कल, रविवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।
कौन से नेता हैं हिरासत में
आज की गई पुलिस कार्रवाई में देश के कई दिग्गज नेताओं को हिरासत में लिया गया है। इनमें पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार के नाम शामिल हैं। इन नेताओं को प्रदर्शन स्थलों और उनके आवासों से हिरासत में लिया गया था, जिस पर अब कानूनी सवाल उठाए जा रहे हैं।
याचिका में मौलिक अधिकारों का हवाला
मेनका गुरुस्वामी ने अपनी याचिका में तर्क दिया है कि किसी भी नागरिक का शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना मौलिक अधिकार है। उन्होंने इसे दबाने के लिए एहतियातन हिरासत के इस्तेमाल को अनुचित बताया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि जो नेता पहले राज्यों की कमान संभाल चुके हैं, उनके साथ इस तरह का व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को सड़कों से हटाए जाने और विपक्षी नेताओं को उनके घरों से उठाए जाने की पुलिसिया कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। यह मामला अभी भी विकासशील है और इस पर लगातार अपडेट मिल रहे हैं।
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