Sultanpur के ऐतिहासिक नाले: 1857 की क्रांति की गवाही देते ये तीन स्थान उत्तर प्रदेश एक महीने पहले 61
Sultanpur में मौजूद तीन नाले केवल जल निकासी का जरिया नहीं हैं, बल्कि ये 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान हुई खूनी जंग के गवाह रहे हैं।

इतिहास के पन्नों में दर्ज Sultanpur के नाले

उत्तर प्रदेश का Sultanpur जिला भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अपने गौरवशाली योगदान के लिए जाना जाता है। शहर में कुछ ऐसे स्थान और प्राकृतिक ढांचे मौजूद हैं, जो ऊपरी तौर पर सामान्य दिखते हैं, लेकिन उनके भीतर एक गहरा इतिहास छिपा है। शहर के तीन प्रमुख नाले—गभड़िया नाला, कादू नाला और गोलाघाट से अमहट तक का नाला—1857 की क्रांति के दौरान अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष का केंद्र रहे थे।

गभड़िया नाले की खूनी जंग

वरिष्ठ पत्रकार विक्रम बृजेंद्र सिंह के अनुसार, गभड़िया नाले के किनारे भारतीय बागियों और ब्रिटिश सेना के बीच कई दिनों तक आमने-सामने की भीषण लड़ाई हुई थी। इस संघर्ष में क्रांतिकारियों ने अदम्य साहस दिखाते हुए कई अंग्रेज अधिकारियों को मार गिराया था। इस शौर्य गाथा का जिक्र उत्तर प्रदेश सरकार की आधिकारिक पुस्तक 'Freedom Struggle in Uttar Pradesh' और अमृतलाल नागर की पुस्तक 'Gadar Ke Phool' सहित राजेश्वर सिंह की 'Sultanpur Ka Itihas' में भी मिलता है। यह नाला आज भी Sultanpur शहर के बीचों-बीच स्थित है।

कादू नाला और स्वतंत्रता संग्राम

मुसाफिरखाना क्षेत्र (वर्तमान में अमेठी) में स्थित कादू नाला 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। 7 से 9 मार्च 1858 के बीच यहाँ एक ऐतिहासिक युद्ध लड़ा गया था। इस लड़ाई में लगभग 600 भाले सुल्तान क्षत्रियों और सर्व समाज के क्रांतिकारियों ने ब्रिटिश सेना के दांत खट्टे कर दिए थे। यह स्थान आज भी उस ऐतिहासिक संघर्ष की याद दिलाता है।

गोलाघाट और आजादी का परचम

गोमती नदी के किनारे स्थित गोलाघाट का क्षेत्र भी अंग्रेजों के विरुद्ध लड़ाई में काफी महत्वपूर्ण रहा है। 9 जून 1857 को Sultanpur के क्रांतिकारियों ने अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती देते हुए जिला मुख्यालय पर अपना कब्जा जमा लिया था। इसके बाद लगभग डेढ़ साल तक जिला आजाद रहा। गोलाघाट से अमहट तक फैले नाले के आसपास के क्षेत्रों में देशभक्ति की भावना प्रबल थी और यहाँ के निवासियों ने सैकड़ों अंग्रेजों को मार गिराया था।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप