होर्मुज जलडमरूमध्य में फिर भड़की हिंसा, 24 घंटे में 3 जहाजों पर हमले से वैश्विक ऊर्जा जगत में हड़कंप विश्व एक महीने पहले 62
दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में 24 घंटे के भीतर तीन व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया गया है। इन हमलों के बाद कतर ने सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय तनाव और बढ़ गया है।

तनाव की नई लहर

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही राजनीतिक और सैन्य खींचतान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक बार फिर युद्ध का केंद्र बन गया है। महज 24 घंटे के भीतर इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर लगातार तीन व्यापारिक टैंकरों पर हमले हुए हैं। दुनिया भर में कच्चे तेल और गैस की सप्लाई के लिए इस मार्ग को सबसे संवेदनशील माना जाता है, ऐसे में इन हमलों ने वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।

किसी के हताहत होने की सूचना नहीं

ताजा मामले में एक कमर्शियल टैंकर को एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल के जरिए निशाना बनाया गया है। ब्रिटिश नौसेना की एजेंसी यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (UKMTO), जो इस क्षेत्र में जहाजों की सुरक्षा और आवाजाही पर नजर रखती है, ने इस घटना की पुष्टि की है। राहत की बात यह है कि इन हमलों में किसी के घायल होने या किसी की जान जाने की खबर नहीं है। हालांकि, इन घटनाओं ने शिपिंग कंपनियों और वैश्विक बाजारों के भीतर यह खौफ पैदा कर दिया है कि संकरे जलमार्ग से गुजरने वाले जहाज अब एक बार फिर असुरक्षित हो गए हैं।

कतर के जहाज पर हमला और आरोप-प्रत्यारोप

यह सिलसिला मंगलवार को शुरू हुआ जब दो अलग-अलग हमलों में कतर के लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) कैरियर और सऊदी अरब के झंडे वाले एक कच्चे तेल के टैंकर को निशाना बनाया गया। यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि ताजा घटना में जहाज के ढांचे को नुकसान पहुंचा है। कतर ने सीधे तौर पर ईरान पर अपने एलएनजी कैरियर 'अल रेकय्यात' पर हमला करने का आरोप मढ़ दिया है। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजेद अल अंसारी ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का घोर उल्लंघन बताते हुए ईरान को इसके लिए कानूनी रूप से जिम्मेदार माना है।

सतर्क रहने की चेतावनी

इन हमलों के बाद यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स ने होर्मुज से गुजरने वाले तमाम जहाजों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है। एजेंसी ने सभी समुद्री ऑपरेटरों को अत्यंत सावधानी बरतने और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि को तुरंत रिपोर्ट करने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल किसी भी संगठन या देश ने इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है। यह तनावपूर्ण स्थिति ऐसे समय में पैदा हुई है जब वाशिंगटन और तेहरान के बीच 60 दिनों के अंतरिम युद्धविराम के बाद शांति बहाली की उम्मीदें बंधी थीं, लेकिन कतर में हुई हालिया अप्रत्यक्ष बातचीत बिना किसी ठोस परिणाम के समाप्त हो गई थी। इन हमलों ने अब वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा को लेकर नई चुनौतियों को जन्म दे दिया है।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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