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10 घंटे पहले
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पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश का असर
पहाड़ी राज्यों जैसे हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश और बर्फबारी का सीधा असर अब मैदानी इलाकों में भी महसूस किया जा रहा है। मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल गया है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा सहित कई अन्य राज्यों में भी बारिश और तेज रफ्तार हवाओं का दौर चलने की प्रबल संभावना है। दिल्ली-एनसीआर के कुछ हिस्सों में ओले गिरने की भी आशंका जताई गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली में बारिश के साथ-साथ गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी और हवाओं की रफ्तार 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके अतिरिक्त, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के लिए 14 और 15 अक्टूबर को बारिश के साथ-साथ ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है।
किन क्षेत्रों में होगी बारिश और ओलावृष्टि
मौसम के बदलते पैटर्न को देखते हुए अलग-अलग राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। बिहार और झारखंड से मॉनसून के विदा होने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। वहीं आज पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के पूर्वी व पश्चिमी हिस्सों में 50 किमी प्रति घंटे की तेज रफ्तार से हवाएं चलने और हल्की बारिश होने के आसार हैं। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के साथ दिल्ली-एनसीआर में भी हवाएं इसी रफ्तार से चलेंगी। पर्वतीय राज्यों में हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ इलाकों में ओले गिरने की संभावना व्यक्त की गई है।
मौसम विभाग की विस्तृत भविष्यवाणी
- दिल्ली में आज आसमान में बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं हल्की बारिश के आसार हैं। हालांकि, तेज बारिश की संभावना कम है। गौर करने वाली बात यह है कि दिल्ली में 12 अक्टूबर को अच्छी बारिश दर्ज की गई थी।
- पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण हिमालय क्षेत्र के उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में बारिश और बर्फबारी जारी रहेगी।
- उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में बारिश का सिलसिला बना रहेगा।
- अगले 2 दिन जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश का अलर्ट है। राजौरी, रामबन, पुलवामा, डोडा और अनंतनाग जैसे जिलों के निवासियों को सावधान रहने की सलाह दी गई है।
- मध्य प्रदेश की बात करें तो 15 से 16 अक्टूबर के बीच पश्चिमी मध्य प्रदेश के इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, खरगोन, खंडवा, उज्जैन, देवास, आगर-मालवा और रतलाम में बारिश हो सकती है।
- पूर्वी मध्य प्रदेश के रीवा, सतना, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, जबलपुर, कटनी, ग्वालियर, सिवनी, बालाघाट और छिंदवाड़ा में 16 अक्टूबर तक बारिश की संभावना है।
- पश्चिम बंगाल में 14 से 18 अक्टूबर तक और बिहार में 16 से 18 अक्टूबर के बीच बारिश की गतिविधियां देखी जा सकती हैं। ओडिशा में भी 18 अक्टूबर तक हल्की बारिश का मौसम बना रहेगा।
- अरुणाचल प्रदेश में 14 से 17 अक्टूबर और असम-मेघालय में 13 से 18 अक्टूबर तक बारिश का अलर्ट है। नागालैंड, मिजोरम, मणिपुर और त्रिपुरा में भी बारिश की चेतावनी है, साथ ही यहां आंधी-तूफान और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं।
- उत्तरी कर्नाटक में 17-18 अक्टूबर तक भारी बारिश हो सकती है, जबकि रायलसीमा क्षेत्र में 15-16 अक्टूबर को भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
- केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अगले 3 से 4 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
मॉनसून की वापसी और वर्तमान स्थिति
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 2-3 दिनों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के पूरी तरह से लौटने की संभावना है। इसके साथ ही अगले 5-6 दिनों में उत्तर-पूर्व मॉनसून की वापसी हो सकती है, जिससे आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक और पुडुचेरी में भारी बारिश की आशंका है। वर्तमान में मॉनसून की रेखा सुपौल, रांची, बीजापुर, सुंदरगढ़, हैदराबाद, बेलगावी और पणजी से होकर गुजर रही है। अगले दो दिनों में इन क्षेत्रों से मॉनसून पूरी तरह विदा हो जाएगा। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बंगाल, बिहार और झारखंड से भी मॉनसून की वापसी का सिलसिला शुरू हो चुका है।
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