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2 घंटे पहले
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सिरोही की धार्मिक विरासत
अरावली की हरी भरी पहाड़ियों की गोद में बसा राजस्थान का सिरोही जिला अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के साथ साथ धार्मिक आस्था और पौराणिक कथाओं के लिए भी जाना जाता है। इस क्षेत्र में कई ऐसे प्राचीन मंदिर हैं जो सदियों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बने हुए हैं। इन मंदिरों से जुड़ी अनसुनी कहानियां और अनोखी परंपराएं लोगों को मंत्रमुग्ध कर देती हैं।
प्रमुख मंदिरों की अनूठी महिमा
सिरोही के कुछ प्रमुख मंदिरों में आरासना अंबा माता, मातर माता, भद्रकाली और मुखरी माता का विशेष स्थान है। इन मंदिरों की विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- आरासना अंबा माता: यहाँ देवी की पारंपरिक प्रतिमा के स्थान पर नाभिकमल रूपी चक्र की पूजा की जाती है, जो इसे अन्य मंदिरों से अलग बनाती है।
- मातर माता मंदिर: यह मंदिर देवड़ा राजवंश की वंशवृद्धि से जुड़ी मान्यताओं के कारण स्थानीय लोगों के लिए अत्यंत पूजनीय है।
- भद्रकाली मंदिर: उमरनी में स्थित इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत मां भद्रकाली की दो शेरों पर सवार प्रतिमा है, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र है।
मुखरी माता की गुफा का रहस्य
मुखरी माता मंदिर को लेकर एक बहुत ही रहस्यमयी लोककथा प्रचलित है। मंदिर की पहाड़ी में एक अत्यंत संकरी गुफा बनी हुई है। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का यह दृढ़ विश्वास है कि इस गुफा का एक सिरा माउंट आबू के प्रसिद्ध अधर देवी मंदिर के पास जाकर खुलता है। ये तमाम धार्मिक स्थल सिरोही की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और जनविश्वासों का जीवंत प्रमाण हैं।
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