धर्म
2 महीने पहले
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विचारों
24 जून को बन रहा है विशेष योग
कल यानी 24 जून 2026, बुधवार का दिन ज्योतिष शास्त्र के नजरिए से अत्यंत महत्वपूर्ण है। पंचांग के अनुसार, इस दिन दोपहर 11:54 बजे से 12:44 बजे तक का समय अभिजीत मुहूर्त के रूप में रहेगा। यह मात्र 50 मिनट की समयावधि किसी भी प्रकार के मांगलिक कार्यों, महत्वपूर्ण निर्णयों और नए प्रोजेक्ट्स की शुरुआत के लिए सबसे उत्तम मानी गई है।
बुधवार और भगवान गणेश का महत्व
हिंदू पंचांग में बुधवार का दिन भगवान गणेश और बुध ग्रह को समर्पित है। ज्योतिष शास्त्र में बुध को वाणी, बुद्धि और व्यापार का कारक माना गया है। मान्यता है कि इस दिन हरी वस्तुओं का दान करना, भगवान गणेश की आराधना करना और बुध मंत्रों का जाप करना जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाता है।
पंचांग और नक्षत्र की स्थिति
24 जून 2026 को ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि है, जो शाम 6:12 बजे तक प्रभावी रहेगी। इसके बाद एकादशी तिथि का आरंभ होगा। इस दिन सूर्य आर्द्रा नक्षत्र में रहेंगे, वहीं चंद्रमा चित्रा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। सूर्योदय सुबह 5:46 बजे होगा और सूर्यास्त शाम 7:11 बजे निर्धारित है। इसके अतिरिक्त सुबह 7:32 से 9:17 बजे तक अमृत काल का समय रहेगा।
इन समयों में न करें शुभ कार्य
ज्योतिष शास्त्र में कुछ समय को वर्जित माना गया है, जिनमें नए कार्यों की शुरुआत से बचना चाहिए। कल के दिन निम्नलिखित समय अशुभ माने गए हैं:
- राहुकाल: दोपहर 12:22 से 2:05 बजे तक।
- गुलिक काल: सुबह 11:51 से दोपहर 1:34 बजे तक।
- यमघण्टकाल: सुबह 7:30 से 9:15 बजे तक।
दिशाशूल और यात्रा संबंधी सावधानी
ज्योतिष गणना के अनुसार, बुधवार के दिन उत्तर दिशा में दिशाशूल रहता है। इस दिन उत्तर दिशा की यात्रा करने से कार्यों में बाधा या परेशानी उत्पन्न हो सकती है। यदि किसी कारणवश यात्रा करना अनिवार्य हो, तो वास्तु और ज्योतिषीय सलाह के अनुसार घर से निकलने से पहले थोड़े से धनिया या तिल का सेवन करना शुभ माना जाता है। इससे यात्रा में आने वाली अड़चनें कम हो सकती हैं।
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