क्रिकेट
2 महीने पहले
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आयरलैंड के खिलाफ पहली कप्तानी में मिली हार
टी20 प्रारूप में भारतीय टीम की कप्तानी संभाल रहे श्रेयस अय्यर को अपने पहले ही मुकाबले में एक बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। आयरलैंड के खिलाफ खेले गए पहले टी20 मैच में भारतीय टीम को 34 रन की शिकस्त झेलनी पड़ी। इस हार के साथ ही आयरलैंड की टीम ने टी20 क्रिकेट के इतिहास में पहली बार भारतीय टीम को मात देकर एक बड़ा उलटफेर कर दिया है। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी का न्यौता पाकर आयरलैंड ने 9 विकेट के नुकसान पर 182 रन का सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम संघर्ष करती नजर आई और 18.5 ओवर में ही 148 रनों पर ढेर हो गई।
अय्यर ने गिनाईं गेंदबाजी की खूबियां और कमियां
मैच के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कप्तान श्रेयस अय्यर ने टीम के प्रदर्शन का विश्लेषण किया। उन्होंने कहा कि खेल के शुरुआती दौर में भारतीय गेंदबाजों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। नई गेंद से उन्हें पिच पर अच्छा स्विंग और सीम मूवमेंट मिला, जिसका फायदा उठाकर उन्होंने कुछ शुरुआती विकेट भी झटके। हालांकि, श्रेयस ने स्वीकार किया कि खेल के मध्य ओवरों में टीम अपनी रणनीति पर कायम नहीं रह सकी। उन्होंने बताया कि टीम ने विपक्षी बल्लेबाजों को सीधे मैदान के बीच से शॉट खेलने की आजादी दी, जबकि यह स्पष्ट था कि वहां बाउंड्री काफी छोटी है और इससे विपक्षी टीम को फायदा मिल सकता था।
मैच से मिली सीख और आगे की राह
हार के बावजूद कप्तान श्रेयस अय्यर सकारात्मक नजर आए। उन्होंने कहा, हालांकि जब खेल के अंतिम क्षणों में रन रोकने की सख्त आवश्यकता थी, तब गेंदबाजों ने बेहद शानदार वापसी की। उन्होंने कहा कि जिस तरह की शुरुआत भारतीय टीम को मिली थी, उसके हिसाब से 140 रन का लक्ष्य हासिल करना आसान होता, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि यह मैच एक बेहतरीन अनुभव रहा और इन परिस्थितियों में खेलने से टीम को पिच को बेहतर तरीके से समझने का मौका मिला। बतौर कप्तान इसे वह एक नई शुरुआत मानते हैं।
खिलाड़ियों को दी कड़ी चेतावनी
मैच के बाद ड्रेसिंग रूम में टीम को दिए गए अपने संदेश को साझा करते हुए श्रेयस अय्यर ने कहा कि मैंने अपने खिलाड़ियों को साफ शब्दों में समझाया है कि किसी भी चीज को हल्के में नहीं लेना चाहिए। मैदान पर उतरने मात्र से जीत सुनिश्चित नहीं होती, बल्कि हर पल खेल में पूरी तरह मौजूद रहना और लगातार मेहनत करना आवश्यक है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि वर्तमान पर ध्यान केंद्रित करना ही सफलता की कुंजी है। जब भी विपक्षी टीम पर दबाव बनाने का मौका मिले, तो उसे पूरी तरह भुनाना बेहद जरूरी है। अब भारतीय टीम बीती हार को पीछे छोड़ते हुए अगले मुकाबले में नए जोश और पूरी ताकत के साथ मैदान पर वापसी करने के लिए तैयार है।
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