लखनऊ जेल में श्रद्धा दुबे की शुगर फ्री कॉफी से लेकर इंस्टाग्राम पर हलचल तक, जानिए पूरा मामला राष्ट्रीय राजनीति एक घंटा पहले 5
लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में जेल में बंद मॉडल श्रद्धा दुबे की दिनचर्या और उनके एक्टिव सोशल मीडिया अकाउंट को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वीआईपी ट्रीटमेंट के दावों के बीच जेल प्रशासन और पुलिस जांच में जुटी है।

मॉडल की लाइफस्टाइल और जेल की सलाखों का अंतर

लखनऊ के चर्चित कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में मुख्य आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबे, उनकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश इस समय कानूनी शिकंजे में हैं। नागपुर से गिरफ्तारी के बाद अदालत ने तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में लखनऊ जेल भेज दिया है। एक समय सोशल मीडिया पर अपनी लग्जरी लाइफस्टाइल और ग्लैमरस तस्वीरों के लिए जानी जाने वाली श्रद्धा दुबे की अब जेल की चारदीवारी के भीतर की जिंदगी चर्चा का विषय बनी हुई है।

पुलिस प्रशासन अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रहा है कि वारदात के बाद आरोपी इतने दिनों तक कहां छिपे रहे, उन्हें आर्थिक मदद किसने मुहैया कराई और इस पूरी साजिश के पीछे कौन-कौन से इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं।

चाय की जगह मांगी ब्लैक कॉफी, प्रशासन ने दिया नियमों का हवाला

जेल परिसर के भीतर से आई खबरों के मुताबिक, श्रद्धा दुबे ने सफर की थकान और सिरदर्द का हवाला देते हुए चाय के बजाय शुगर फ्री ब्लैक कॉफी की मांग की थी। हालांकि, जेल प्रशासन ने इस तरह की किसी भी खास मांग को तरजीह देने से साफ इनकार कर दिया और स्पष्ट किया कि सभी बंदियों को जेल मैनुअल के हिसाब से ही खाना और सुविधाएं दी जाती हैं।

शुरुआती दिनों में श्रद्धा और उनकी बहन को अन्य महिला बंदियों की तरह ही सामान्य चाय, दलिया और जेल में तय भोजन ही दिया गया। खबरों की मानें तो जेल में शुरुआती समय दोनों बहनों के लिए काफी तनावपूर्ण रहा। दोनों काफी देर तक आपस में ही बातचीत करती दिखीं और अन्य महिला कैदियों से दूरी बनाए रखी। क्वारंटीन अवधि खत्म होने के बाद अब दोनों को सामान्य महिला बैरक में स्थानांतरित कर दिया गया है, जहां सुरक्षाकर्मी उन पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।

नागपुर से लखनऊ का सफर और वीआईपी ट्रीटमेंट के आरोप

मामले में यूपी एसटीएफ, लखनऊ पुलिस और नागपुर पुलिस के संयुक्त अभियान में 20 अक्टूबर को तीनों भगोड़ों को गिरफ्तार किया गया था। 9 अक्टूबर को लखनऊ के हजरतगंज स्थित एक बहुमंजिला इमारत की चौथी मंजिल से गिरकर कारोबारी शिवा शर्मा की दर्दनाक मौत हो गई थी, जिसके बाद से ही तीनों आरोपी फरार चल रहे थे।

नागपुर से लखनऊ लाते समय आरोपियों को कथित तौर पर पनीर टिक्का और कॉफी दिए जाने की खबरें मीडिया में आईं, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उन्हें वीआईपी ट्रीटमेंट मिलने की चर्चाएं तेज हो गईं। इससे पहले नागपुर में गिरफ्तारी के दौरान का एक वीडियो भी इंटरनेट पर काफी प्रसारित हुआ था। हालांकि, जेल अधिकारियों का कहना है कि यह केवल अफवाहें हैं और जेल के भीतर किसी भी बंदी को कोई विशेष छूट या वीआईपी दर्जा नहीं दिया जा रहा है।

सलाखों के पीछे आरोपी, फिर कौन चला रहा है इंस्टाग्राम?

इस पूरे मामले का सबसे उलझा हुआ और संदिग्ध पहलू श्रद्धा दुबे का सोशल मीडिया प्रोफाइल बना हुआ है। गिरफ्तारी और जेल जाने के बावजूद उनके आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर हलचल देखी जा रही है। रिपोर्टों के अनुसार, उनके अकाउंट पर लगातार फॉलोअर्स की संख्या बढ़ रही है, जबकि फॉलोइंग लिस्ट में बदलाव देखे गए हैं।

कारोबारी शिवा शर्मा के परिजनों ने पहले ही हत्या और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि जब श्रद्धा दुबे पुलिस और न्यायिक हिरासत में हैं, तब उनका मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट कौन नियंत्रित कर रहा है। क्या कोई बाहरी मददगार उनके डिजिटल पदचिह्नों को मिटाने या बदलने की कोशिश कर रहा है?

जांच एजेंसियों के सामने खड़े प्रमुख सवाल

लखनऊ पुलिस और जांच अधिकारियों के लिए इस हाई-प्रोफाइल मामले की गुत्थी सुलझाना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। फिलहाल पुलिस निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है:

  • घटनास्थल की सच्चाई: 9 अक्टूबर की रात हजरतगंज वाले अपार्टमेंट की चौथी मंजिल पर वास्तव में क्या हुआ था और उस समय फ्लैट के अंदर कौन-कौन मौजूद था?
  • फरारी के मददगार: घटना के बाद से 20 अक्टूबर तक श्रद्धा, रश्मि और दानिश को छिपने, भागने और पैसे के स्तर पर किसने सहायता पहुंचाई?
  • डिजिटल हेरफेर: जेल में रहने के दौरान श्रद्धा दुबे के इंस्टाग्राम अकाउंट पर हो रही गतिविधियों और बदलावों के पीछे किस व्यक्ति का हाथ है?
  • रसूखदार संपर्कों का रहस्य: मामले में चर्चा में आए कथित प्रभावशाली संपर्कों और किसी सर की भूमिका के संबंध में क्या कोई ठोस साक्ष्य सामने आएंगे?
  • इलेक्ट्रॉनिक सबूत: जब्त किए गए मोबाइल फोन, बैंक खातों के लेनदेन और डिजिटल रिकॉर्ड्स से क्या पूरे फरारी प्लान की परतें खुल सकेंगी?

जांच अधिकारी इन सभी बिंदुओं पर गहनता से साक्ष्य जुटा रहे हैं, जिससे यह साफ हो सके कि कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के पीछे की पूरी सच्चाई क्या है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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