शारदीय नवरात्रि 2026: त्योहार से पहले घर से बाहर कर दें ये चीजें, वरना रुक सकती है सुख-समृद्धि धर्म 2 घंटे पहले 4
शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व से पहले घर की साफ-सफाई के साथ ही कुछ खास चीजों को हटाना बेहद जरूरी माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, घर में मौजूद नकारात्मकता को दूर करने के लिए इन वास्तु नियमों का पालन करना लाभकारी होता है।

नवरात्रि से पहले घर की शुद्धता और वास्तु का महत्व

शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व बहुत जल्द शुरू होने वाला है। आगामी 11 अक्टूबर से मां दुर्गा की आराधना का नौ दिवसीय महाउत्सव शुरू हो जाएगा, जिसमें भक्त पूरी श्रद्धा के साथ माता की पूजा में लीन रहेंगे। इस पर्व को लेकर न केवल मंदिरों में, बल्कि हर घर में साफ-सफाई और तैयारी का दौर शुरू हो चुका है। हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में यह माना जाता है कि माता रानी के आगमन से पहले घर का वातावरण सकारात्मक होना चाहिए, क्योंकि इसका सीधा असर परिवार की सुख-समृद्धि और उन्नति पर पड़ता है।

देवघर के प्रख्यात ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर मुद्गल का कहना है कि नवरात्रि से पहले घर की अच्छी तरह से साफ-सफाई करना अनिवार्य है। हालांकि, सफाई के दौरान कुछ ऐसी वस्तुओं पर भी ध्यान देना आवश्यक है जो घर में नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देती हैं। वास्तु के दृष्टिकोण से ऐसी चीजों का घर में होना माता की पूजा में बाधा उत्पन्न कर सकता है।

घर से तुरंत हटा दें ये पुरानी और अनुपयोगी चीजें

पंडित नंदकिशोर मुद्गल के अनुसार, नवरात्रि का त्योहार शुरू होने से पहले घर के वास्तु को व्यवस्थित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कुछ प्रमुख वस्तुओं की पहचान की है जिन्हें घर से हटाना ही उचित है:

  • टूटी हुई झाड़ू: झाड़ू का उपयोग हम घर की गंदगी साफ करने के लिए करते हैं। ज्योतिष में झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। यदि आपके घर में झाड़ू पूरी तरह से टूट चुकी है या घिसकर छोटी हो गई है, तो उसे लंबे समय तक घर में रखने से बचना चाहिए। नवरात्रि शुरू होने से पहले ऐसी झाड़ू को घर से बाहर कर देना ही श्रेयस्कर है। साथ ही, नई झाड़ू को ऐसी जगह रखें जहां वह सुरक्षित रहे और किसी के पैरों के नीचे न आए।
  • खंडित मूर्तियां और तस्वीरें: पूजा स्थल पर देवी-देवताओं की खंडित मूर्तियां या तस्वीरें रखना अशुभ माना जाता है। यदि पूजा घर में या घर के किसी भी अन्य स्थान पर कोई मूर्ति खंडित अवस्था में है, तो वहां नियमित पूजा करना उचित नहीं है। ऐसी प्रतिमाओं को कचरे में फेंकने के बजाय किसी पवित्र स्थान पर विसर्जित करना चाहिए या उन्हें विधि-विधान से प्रवाहित करना चाहिए। नवरात्रि के दौरान केवल सही और अखंडित मूर्तियों की ही स्थापना करनी चाहिए।
  • कांटेदार और मुरझाए पौधे: घर के अंदर या मुख्य द्वार के पास कांटेदार पौधे रखना नकारात्मक ऊर्जा का संकेत माना जाता है। यदि आपके घर में ऐसे पौधे हैं जिनसे बार-बार चुभन या परेशानी होती है, तो उनकी स्थिति में बदलाव करना चाहिए। इसके अलावा, पुराने सूखे फूल, मुरझाई हुई मालाएं और लंबे समय से एकत्रित की गई पूजा सामग्री को हटा देना चाहिए। नवरात्रि में घर में केवल ताजे और हरे-भरे पौधे ही लगाने चाहिए, जो सकारात्मक वातावरण का निर्माण करते हैं।

मुख्य द्वार का रखें विशेष ध्यान

ज्योतिषाचार्य ने बताया कि नवरात्रि में कलश स्थापना के पूर्व घर के मुख्य द्वार को सजाना और वहां की शुद्धता बनाए रखना बहुत महत्वपूर्ण है। इस दिशा में कुछ उपाय बताए गए हैं:

  • तोरण का उपयोग: घर के मुख्य दरवाजे पर आम, केले या अशोक के पत्तों से बना हुआ तोरण लगाएं। इसे अत्यंत शुभ और सकारात्मकता का प्रतीक माना गया है।
  • देवी के चरण चिह्न: परंपरा के अनुसार मुख्य द्वार पर मां दुर्गा के चरण चिह्न बनाना बहुत शुभ होता है, जिससे घर में माता के आगमन का भाव पैदा होता है।
  • शुद्ध जल का पात्र: यदि संभव हो, तो मुख्य द्वार के पास एक साफ पीतल या तांबे के लोटे में शुद्ध जल भरकर रखें और उसमें ताजे फूल डालें। इस जल को नवरात्रि के दौरान रोजाना बदलना चाहिए ताकि वातावरण सदैव स्वच्छ और सुगंधित बना रहे।

इन छोटे-छोटे वास्तु उपायों को अपनाकर आप अपने घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर सकते हैं। नवरात्रि का उद्देश्य मन और घर दोनों की शुद्धि है, इसलिए इस दौरान घर को व्यवस्थित और सुंदर बनाए रखना ही माता रानी की कृपा प्राप्त करने का सर्वश्रेष्ठ मार्ग है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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