शामली: लव जिहाद के जाल से निकलकर घर लौटे आयुष मलिक, माता-पिता से मांगी माफी, वैदिक परंपरा अपनाई उत्तर प्रदेश 2 महीने पहले 80
उत्तर प्रदेश के शामली जिले में आयुष मलिक ने लव जिहाद के प्रभाव में आकर बदला अपना धर्म फिर से त्याग दिया है। उसने सनातन धर्म में वापसी करते हुए अपने परिवार से माफी मांगी और पूजा-पाठ शुरू कर दी है।

घर वापसी का भावुक मोड़

उत्तर प्रदेश के शामली जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां आयुष मलिक नाम के युवक ने अपनी गलतियों को सुधारते हुए एक बार फिर सनातन धर्म अपना लिया है। कुछ समय पहले आयुष मलिक लव जिहाद जैसे गंभीर मामले का शिकार हो गया था, जिसके चलते उसने अपना मूल धर्म छोड़कर इस्लाम अपना लिया था। हालांकि, अब वह पूरी तरह से अपनी जड़ों की ओर लौट आया है। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में आयुष को अपने परिवार के साथ घर के मंदिर में श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना करते हुए देखा जा सकता है।

वीडियो में दिखाई दी पश्चाताप की झलक

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे 2 मिनट 17 सेकंड लंबे इस वीडियो में आयुष मलिक का एक बदला हुआ रूप नजर आ रहा है। युवक ने न केवल सनातन धर्म में अपनी औपचारिक वापसी की पुष्टि की है, बल्कि अपने किए पर पछतावा जताते हुए अपने माता-पिता और परिजनों से सबके सामने माफी भी मांगी है। इस दौरान वह काफी भावुक नजर आया और उसने स्पष्ट किया कि वह अब अपने परिवार के साथ ही रहेगा। उसने अपने घर से इस्लाम से जुड़ी तमाम सामग्रियों को भी बाहर निकाल दिया है।

पिता का भावुक संदेश

आयुष के पिता देवराज मलिक ने इस घटनाक्रम पर सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक और मार्मिक पोस्ट साझा किया है। देवराज मलिक ने अपने बेटे की वापसी को ईश्वर की कृपा बताया। उन्होंने लिखा कि यह एक माता-पिता की भावनात्मक अभिव्यक्ति है, जहां उनका पुत्र आयुष मलिक पुनः अपने सनातन संस्कारों से जुड़ गया है। उन्होंने आगे कहा कि सनातन धर्म केवल पूजा पद्धति नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक शाश्वत संस्कृति है। पिता ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि ईश्वर की कृपा और परिवार के स्नेह के कारण ही आज उनका बेटा पुनः वैदिक परंपराओं को अपनाकर धार्मिक आचरण के मार्ग पर लौट आया है।

सनातन मूल्यों पर गर्व

देवराज मलिक ने आगे लिखा कि हमें अपनी सनातन परंपराओं, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों पर अटूट गर्व है। उन्होंने कामना की कि हर व्यक्ति को अपनी पसंद के धर्म को मानने और उसका पालन करने की पूर्ण स्वतंत्रता होनी चाहिए। उन्होंने उन सभी लोगों का भी आभार व्यक्त किया जिन्होंने इस कठिन समय में उनके परिवार का समर्थन किया। उन्होंने अपने पोस्ट में स्पष्ट लिखा कि उनका बेटा अपनी मर्जी से और अपने माता-पिता की पीड़ा को समझते हुए वापस आया है।

क्या था पूरा मामला

यह पूरा मामला तब चर्चा में आया था जब दवा व्यवसायी देवराज मलिक के बेटे आयुष मलिक ने धर्मांतरण कर लिया था। पिता देवराज मलिक ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया था कि चांदनी कुरैशी नाम की एक लड़की ने उनके बेटे को प्रेमजाल में फंसाया था। पिता का आरोप था कि लड़की और उसके परिजनों ने मिलकर आयुष का जबरन धर्मांतरण करवाया, जिसने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया था। इस घटना के बाद से ही क्षेत्र में काफी तनाव की स्थिति थी, लेकिन अब आयुष की घर वापसी से परिवार ने राहत की सांस ली है।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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