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एक घंटा पहले
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हार के जबड़े से जीत छीन लाई पाकिस्तान की टीम
पाकिस्तान में आयोजित की जा रही वनडे ट्राई सीरीज के दौरान २५ अक्टूबर का दिन क्रिकेट प्रशंसकों के लिए बेहद यादगार बन गया। लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच खेले गए मुकाबले में एक समय पाकिस्तान की हार निश्चित नजर आ रही थी। जीत के लिए २४२ रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तानी टीम की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। टीम ने निरंतर अंतराल पर विकेट गंवाए और स्थिति यहाँ तक बिगड़ गई कि १५४ रनों के स्कोर तक पाकिस्तान के ९ बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे। ऐसे नाजुक मोड़ पर शादाब खान और हारिस रऊफ ने क्रीज पर कदम रखा और टीम की डूबती नैया को पार लगाने का बीड़ा उठाया। दोनों खिलाड़ियों ने धैर्य और सूझबूझ का प्रदर्शन करते हुए १०वें विकेट के लिए ८९ रनों की नाबाद साझेदारी की और टीम को एक अविश्वसनीय जीत दिलाई। इस जीत के साथ ही पाकिस्तान ने ट्राई सीरीज के फाइनल में अपना स्थान सुरक्षित कर लिया है। वहीं, लगातार २ मुकाबले हारने के बाद अब इंग्लैंड के लिए फाइनल की राह काफी कठिन हो गई है।
सफल रन चेज में १०वें विकेट का नया कीर्तिमान
इस रोमांचक मुकाबले में शादाब खान ने अपने वनडे करियर का पहला शतक जड़ा। उन्होंने नाबाद ११३ रनों की मैच जिताऊ पारी खेली, जबकि उनका साथ निभा रहे हारिस रऊफ ने १८ गेंदों का सामना करते हुए नाबाद ७ रन बनाए। इन दोनों की साझेदारी ने वनडे क्रिकेट इतिहास में सफल रन चेज (लक्ष्य का पीछा करने) के दौरान १०वें विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी का विश्व रिकॉर्ड कायम किया है। इससे पहले यह रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के डेरिक मरे और एंडी रॉबर्ट्स के नाम दर्ज था। उन्होंने साल १९७५ में बर्मिंघम के मैदान पर पाकिस्तान के खिलाफ २६७ रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए १०वें विकेट के लिए ६४ रनों की मैच जिताऊ साझेदारी की थी, जिसे अब शादाब और हारिस की जोड़ी ने पीछे छोड़ दिया है।
शादाब खान ने रचा इतिहास
शादाब खान की ११३ रनों की नाबाद पारी व्यक्तिगत रूप से भी कई उपलब्धियां लेकर आई है। वनडे क्रिकेट में अब वह नंबर ८ या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए एक मैच में सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि आयरलैंड के सिमी सिंह और बांग्लादेश के मेहदी हसन मिराज के नाम थी। सिमी सिंह ने साल २०२१ में दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध नाबाद १०० रन बनाए थे, जबकि मेहदी हसन मिराज ने साल २०२२ में भारत के खिलाफ नाबाद १०० रनों की पारी खेली थी। शादाब की इस शानदार पारी ने न केवल उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया है, बल्कि पाकिस्तान की मध्यक्रम और निचली बल्लेबाजी क्रम की मजबूती को भी दुनिया के सामने पेश किया है।
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