दिल्ली
3 घंटे पहले
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दिल्ली पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
राजधानी दिल्ली में 10 अक्टूबर को होने वाले सीजेपी प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। बीते कुछ दिनों से शहर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नई दिल्ली जिले में किसी भी तरह के धरना या प्रदर्शन की अनुमति प्रदान नहीं की जाएगी।
पुलिस के सुरक्षा संबंधी कड़े निर्देश
सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली पुलिस ने कई स्तरों पर रणनीति तैयार की है:
- सभी एसएचओ को अपने थाना क्षेत्रों में आपराधिक रिकॉर्ड रखने वाले व्यक्तियों की हर गतिविधि पर बारीक नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
- फेसियल रिकग्निशन सिस्टम यानी एफआरएस के माध्यम से करीब 2,800 ऐसे व्यक्तियों की पहचान की गई है, जिनका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है।
- पुलिस का विशेष ध्यान उन लोगों पर है, जो गंभीर अपराधों में संलिप्त रहे हैं।
- प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आने वाले लोगों और उनके रास्तों की पुलिस बारीकी से निगरानी कर रही है।
- बस ऑपरेटरों और बसों की बुकिंग की भी गहन जांच की जा रही है, ताकि प्रदर्शनकारियों की आवाजाही पर नजर रखी जा सके।
- स्थानीय पुलिस को उन बसों की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं जो दिल्ली की सीमा में प्रवेश कर रही हैं।
- पीजी संचालकों को भी सक्रिय किया गया है, ताकि वे छात्रों को इन प्रदर्शनों में शामिल न होने की सलाह दें।
- उत्तर प्रदेश और राजस्थान की सीमाओं पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है, क्योंकि पुलिस को आशंका है कि प्रदर्शनकारी इन्हीं रास्तों से दिल्ली में दाखिल हो सकते हैं।
- संभावित प्रवेश बिंदुओं पर बैरिकेडिंग को और अधिक मजबूत किया जा रहा है और चेकिंग बढ़ाई गई है।
अतीत के आंकड़े और पुलिस की सतर्कता
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सीजेपी नेता और वॉलेंटियर्स सोशल मीडिया के जरिए लगातार लोगों से प्रदर्शन में जुड़ने की अपील कर रहे हैं, जबकि पुलिस ने अब तक इस कार्यक्रम के लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं दी है। जुलाई में हुए पूर्व के आंदोलन के दौरान जंतर-मंतर क्षेत्र से करीब 2,873 आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों की पहचान की गई थी। इनमें 989 लोग गंभीर अपराधों से जुड़े थे। पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, इनमें 101 लोगों पर हत्या के मुकदमे दर्ज थे, जिनमें 42 लोग ऐसे थे जिन पर दो या अधिक हत्या के मामले हैं, और 12 लोगों पर 10 या उससे अधिक हत्या के मामले दर्ज हैं।
सुरक्षा के लिए तैनात भारी बल
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए 1 अक्टूबर से ही दिल्ली पुलिस ने सीएपीएफ की कम से कम 20 कंपनियों की मांग की है, जिन्हें जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में तैनात किया जाएगा। नई दिल्ली क्षेत्र में लगभग 4,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। साथ ही, किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए स्टेडियमों को अस्थायी डिटेंशन सेंटर में बदलने की योजना पर भी संबंधित विभागों से बातचीत जारी है। सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास का कहना है कि उन्होंने प्रदर्शन की जानकारी पुलिस को दे दी है, हालांकि पुलिस की ओर से सुरक्षा घेरा और प्रतिबंधों को काफी सख्त कर दिया गया है।
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