नागपुर में आस्था के नाम पर बड़ी धोखाधड़ी: 'मां जगदंबा नाराज हैं' कहकर 81 साल की बुजुर्ग महिला से लूटे लाखों के गहने राष्ट्रीय राजनीति 3 महीने पहले 116
नागपुर के इमामवाड़ा इलाके में अंधविश्वास का सहारा लेकर दो ठगों ने एक बुजुर्ग महिला को अपना निशाना बनाया और पूजा के बहाने उनके सोने के गहने लेकर फरार हो गए।

आस्था के नाम पर शातिर ठगों का खेल

क्या आपने कभी सोचा है कि कोई व्यक्ति अंधविश्वास के डर से अपनी जिंदगी भर की जमा-पूंजी और कीमती गहने चंद पलों में किसी अजनबी को सौंप सकता है? नागपुर में एक ऐसी ही दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। शहर के इमामवाड़ा इलाके में ठगों ने मां जगदंबा के नाम का भय दिखाकर एक 81 वर्षीय बुजुर्ग महिला को पूरी तरह कंगाल बना दिया। पुलिस ने इस मामले में प्रकरण दर्ज कर लिया है और आरोपियों की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है।

घटना का विवरण: मंदिर से लौटते वक्त शिकार

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला का नाम सुजाता भगवानलाल अग्रवाल है, जो मेडिकल रोड इलाके की निवासी हैं। घटना वाले दिन वह सुबह के समय मंदिर में दर्शन करने के बाद अपनी बेटी के घर जाने के लिए निकली थीं। रास्ते में दो अज्ञात युवकों ने उन्हें रोका और बातचीत का सिलसिला शुरू किया। इन ठगों ने इतनी चतुराई से बात की कि महिला को उन पर विश्वास हो गया।

मां जगदंबा के नाम का खौफ

ठगों ने महिला को डराते हुए कहा कि उन पर मां जगदंबा की नाराजगी है और उनके परिवार पर जल्द ही कोई बड़ा संकट आने वाला है। एक आरोपी ने दावा किया कि महिला और उनके बेटों पर गंभीर मुसीबत मंडरा रही है। इसके बाद उन्होंने महिला को इस संकट से मुक्ति दिलाने के लिए विशेष पूजा करने का झांसा दिया। ठगों ने महिला से कहा कि अपनी सोने की चेन, कंगन और अन्य कीमती आभूषणों के साथ अपना मोबाइल फोन एक पीले रंग की थैली में रख दें ताकि पूजा की जा सके।

51 कदम की दूरी और ठगी का एहसास

पूजा सफल करने के बहाने ठगों ने बुजुर्ग महिला को निर्देश दिया कि वे वहां से 51 कदम तक आगे बढ़ जाएं और पीछे मुड़कर बिल्कुल न देखें। महिला ने उनकी बातों को सच मान लिया और जैसे ही वह बताई गई दूरी तय करने के लिए आगे बढ़ीं, आरोपी मौका पाकर गहने और मोबाइल लेकर फरार हो गए। जब महिला ने पीछे मुड़कर देखा, तो वहां कोई नहीं था। तब उन्हें समझ आया कि वे ठगी का शिकार हो चुकी हैं। इसके बाद उन्होंने तुरंत इमामवाड़ा पुलिस स्टेशन पहुंचकर आपबीती सुनाई और शिकायत दर्ज कराई।

सीसीटीवी फुटेज में खुला राज

इमामवाड़ा पुलिस ने तुरंत मामले को गंभीरता से लेते हुए इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू किया। जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि इस पूरी वारदात में केवल दो नहीं, बल्कि कुल 4 आरोपी शामिल थे। सभी आरोपी मोटरसाइकिल पर सवार होकर वहां से भागते हुए दिखाई दिए हैं। सीसीटीवी फुटेज से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस उनकी पहचान करने की हर संभव कोशिश कर रही है।

पुलिस की कार्रवाई और सलाह

इमामवाड़ा थाने के पुलिस निरीक्षक जयवंत पाटिल ने बताया कि आरोपियों की बातचीत की भाषा हिंदी थी, जिससे आशंका जताई जा रही है कि वे मध्य प्रदेश या उत्तर प्रदेश के रहने वाले हो सकते हैं। पुलिस ने इन ठगों को पकड़ने के लिए 2 विशेष टीमें गठित की हैं, जो तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर काम कर रही हैं। घटना में कुल 3.05 लाख रुपए मूल्य के गहने और मोबाइल की चोरी हुई है। पुलिस ने आम नागरिकों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों से अपील की है कि वे कभी भी किसी अनजान व्यक्ति के बहकावे में न आएं और धार्मिक अंधविश्वास के नाम पर किसी को भी अपनी कीमती वस्तुएं न सौंपें। सतर्क रहना ही इस तरह की ठगी से बचने का सबसे बड़ा उपाय है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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