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11 घंटे पहले
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4 सितंबर को एसबीआई की यूपीआई सेवाएं रहेंगी बाधित
भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने ग्राहकों को एक महत्वपूर्ण सूचना दी है। यदि आप भी डिजिटल भुगतान के लिए पूरी तरह से बैंक की यूपीआई (UPI) सेवाओं पर निर्भर हैं, तो आपको आगामी 4 सितंबर के लिए अपनी योजना पहले ही बना लेनी चाहिए। बैंक ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि निर्धारित रखरखाव के कार्य (Scheduled Maintenance) के कारण यूपीआई सेवाएं कुछ समय के लिए ठप रहेंगी।
लेन-देन के समय में बदलाव
एसबीआई ने सोशल मीडिया मंच 'X' के माध्यम से जानकारी साझा की है कि 4 सितंबर 2026 को रात के समय सेवाएं प्रभावित होंगी। भारतीय समयानुसार (IST) रात 00:15 बजे से लेकर रात 01:00 बजे तक, यानी कुल 45 मिनट के लिए यूपीआई सेवाएं उपलब्ध नहीं रहेंगी। इस दौरान बैंक के ग्राहक गूगल पे, फोनपे, पेटीएम या बैंक के आधिकारिक योनो ऐप के जरिए एसबीआई खाते से कोई भी भुगतान नहीं कर पाएंगे। बैंक ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह केवल एक नियमित प्रक्रिया है और काम पूरा होते ही सेवाएं बहाल कर दी जाएंगी। हालांकि, इस अवधि में होने वाली असुविधा के लिए बैंक ने अपने सभी खाताधारकों से माफी मांगी है।
UPI Lite का विकल्प है बेहतर
बैंक ने अपने ग्राहकों को सुझाव दिया है कि इस रखरखाव की अवधि के दौरान डिजिटल लेनदेन को जारी रखने के लिए वे यूपीआई लाइट का उपयोग कर सकते हैं। यूपीआई लाइट के माध्यम से छोटे लेनदेन बिना किसी रुकावट के पूरे किए जा सकते हैं। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें यूपीआई पिन डालने की जरूरत नहीं पड़ती है। आप इसके जरिए 1,000 रुपये तक का छोटा पेमेंट आसानी से कर सकते हैं और इसमें अधिकतम 5,000 रुपये तक का वॉलेट बैलेंस रखा जा सकता है।
एसबीआई यूपीआई लेनदेन की सीमाएं
बैंक ने डिजिटल सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए लेनदेन से जुड़े कुछ नियम और दैनिक सीमाएं भी निर्धारित की हैं:
- व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) लेनदेन: एक ग्राहक एक दिन में अधिकतम 20 बार ट्रांजेक्शन कर सकता है।
- दैनिक ट्रांजेक्शन सीमा: एक दिन में कुल 1,00,000 रुपये तक की राशि का लेनदेन किया जा सकता है।
- विशिष्ट मर्चेंट लेनदेन: बीमा और कैपिटल मार्केट के लिए यह सीमा 2,00,000 रुपये निर्धारित है, जबकि आईपीओ, टैक्स भुगतान, शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों के लिए यह सीमा बढ़कर 5,00,000 रुपये तक हो जाती है।
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