संभल की ऐतिहासिक धरोहर: अगर आप भी घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो इन 5 प्रसिद्ध जगहों को देखना न भूलें उत्तर प्रदेश 2 महीने पहले 83
उत्तर प्रदेश का संभल शहर अपनी प्राचीन संस्कृति, मुगलकालीन वास्तुकला और धार्मिक आस्था के केंद्रों के लिए मशहूर है। यदि आप यहां की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो इन पांच ऐतिहासिक स्थलों को अपनी सूची में जरूर शामिल करें।

ऐतिहासिक घंटाघर मंदिर

संभल का घंटाघर मंदिर शहर की सबसे बड़ी पहचान है। तहसील रोड पर स्थित यह स्थान अपने आप में 1000 साल से अधिक पुराना इतिहास समेटे हुए है। माना जाता है कि इसे राजा विक्रमादित्य ने बनवाया था। मंदिर परिसर में भगवान शिव का प्राचीन स्थान है जहाँ नियमित रूप से पूजा होती है। साल 2024 में नगर पालिका अध्यक्ष आशिया मुशीर और सभासद चंचल गुप्ता के प्रयासों से इस स्थान का जीर्णोद्धार किया गया, जिसके बाद से यह एक प्रमुख पर्यटक आकर्षण और सेल्फी पॉइंट बन गया है।

फिरोजपुर और मोहम्मदपुर सौंधन किला

संभल अपनी मुगलकालीन विरासतों के लिए भी जाना जाता है। यहाँ फिरोजपुर किला और मोहम्मदपुर सौंधन किला एएसआई द्वारा संरक्षित प्रमुख धरोहरें हैं। फिरोजपुर किला सोत नदी के किनारे स्थित है, जिसे मुगल बादशाह शाहजहां के आदेश पर सैय्यद फिरोज के लिए बनवाया गया था। वहीं, करीब 400 साल पुराने मोहम्मदपुर सौंधन किले का जीर्णोद्धार फरवरी 2026 में 29 लाख की लागत से किया गया है। इन किलों की भव्य दीवारें और वास्तुकला पर्यटकों को खूब आकर्षित करती हैं।

बूढ़े बाबा का मंदिर

असमोली कस्बे और सारंगपुर गांव में स्थित बूढ़े बाबा का मंदिर हिंदू-मुस्लिम एकता और धार्मिक आस्था का प्रतीक माना जाता है। 100 साल से भी अधिक पुराना यह मंदिर एक पवित्र तालाब के निकट स्थित है। भक्तों का मानना है कि यहाँ के तालाब में स्नान करने और भभूत लगाने से चर्म रोगों से मुक्ति मिलती है। यहाँ भाद्रपद और मार्गशीर्ष के महीनों में द्वितीया तिथि को भव्य मेले का आयोजन किया जाता है।

प्राचीन शिव-हनुमान मंदिर

खग्गू सराय दीपा सराय स्थित यह मंदिर दशकों के अंतराल के बाद दिसंबर 2024 में पुनः भक्तों के लिए खोला गया। 1978 की घटनाओं के बाद यह मंदिर लंबे समय तक बंद रहा था, लेकिन प्रशासनिक प्रयासों और सफाई अभियान के बाद यहाँ अब नियमित रूप से आरती और हनुमान चालीसा का पाठ होता है। मंदिर परिसर में शिवलिंग, नंदी और कार्तिकेय जी की मूर्तियां स्थित हैं।

ऐतिहासिक छतरी वाला कुआं

एकता पुलिस चौकी के पास स्थित छतरी वाला कुआं संभल का एक प्राचीन और ऐतिहासिक स्थल है। वर्ष 1978 की घटनाओं के बाद इसे बंद कर दिया गया था और इसके ऊपर चबूतरा बना दिया गया था। वर्ष 2025 में प्रशासन द्वारा जेसीबी की मदद से इसकी खुदाई शुरू की गई, जिसके बाद यह ऐतिहासिक धरोहर फिर से चर्चा में आई। यह कुआं संभल के अतीत और पुराने वैभव की एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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