उत्तर प्रदेश विधानसभा में राम मंदिर चढ़ावे को लेकर जोरदार हंगामा, सपा विधायक सचिन यादव पूरे सत्र के लिए निलंबित उत्तर प्रदेश एक घंटा पहले 3
राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के विधायकों ने विधानसभा में जमकर नारेबाजी की और सदन की कार्यवाही बाधित की। इस दौरान स्पीकर सतीश महाना ने अनुशासनहीनता के चलते सपा विधायक सचिन यादव को पूरे सत्र के लिए बाहर कर दिया।

विधानसभा में भारी हंगामा और निलंबन

मंगलवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले को लेकर हंगामे की भेंट चढ़ गई। सदन की शुरुआत से पहले ही समाजवादी पार्टी के विधायकों ने विधानसभा के मुख्य द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया। जैसे ही सुबह 11 बजे सदन की बैठक शुरू हुई, सपा विधायक हाथों में पोस्टर लेकर आसन के सामने वेल में पहुंच गए। हंगामा बढ़ने पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कड़ा रुख अपनाते हुए सपा विधायक सचिन यादव को सदन की गरिमा भंग करने के आरोप में पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया।

चर्चा की मांग पर अड़ा विपक्ष

सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने मांग की कि सदन के बाकी सभी कामकाज को रोककर पहले इस विषय पर चर्चा कराई जाए। सपा विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष के आसन के ठीक सामने खड़े होकर जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। सपा सदस्य 'चंदा चोर कहां मिलेंगे-भाजपा के दफ्तर में' जैसे नारे लगा रहे थे। इस पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने साफ किया कि यह मामला सदन को स्थगित करने या कामकाज रोकने की श्रेणी में नहीं आता है।

स्पीकर की नसीहत और तीखी नोकझोंक

हंगामे के दौरान 'चंदा चोर गद्दी छोड़' के नारे लग रहे थे। इस पर स्पीकर सतीश महाना ने सदन में मौजूद सपा विधायकों से कहा कि यदि आप में से किसी ने चंदा दिया है, तो उसकी रसीद लेकर आएं ताकि यह देखा जा सके कि आखिर किसका पैसा चोरी हुआ है। स्पीकर ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि जब छद्मभेष को हटा दिया जाएगा, तो जो देश की संसद के बाहर मिला था, वही वहीं मिलेगा। विपक्ष के भारी शोर-शराबे को देखते हुए अध्यक्ष ने सदन को दोपहर 12 बजकर 20 मिनट तक के लिए स्थगित कर दिया, लेकिन इसके बावजूद सपा सदस्य वेल में ही डटे रहे और नारेबाजी जारी रखी।

अनुपूरक बजट पर विपक्ष का हमला

स्थगन के बाद जब कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, तब भी स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया। हंगामे के बीच ही योगी सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 59 हजार 19.54 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट सदन के पटल पर रखा। सपा के वरिष्ठ विधायक शिवपाल सिंह यादव ने इस बजट पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे नाकामियों को छिपाने का प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि सरकार अब तक आवंटित बजट का 30 प्रतिशत भी खर्च नहीं कर पाई है। वहीं, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने स्पष्ट किया कि सरकार चाहे बजट पेश करे, लेकिन उनका मुख्य जोर राम मंदिर चंदे के मामले पर जवाब मांगने पर बना रहेगा।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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