यूपी विधानसभा: सपा चीफ व्हिप कमाल अख्तर ने पद छोड़ा, सांसद रुचि वीरा से चल रही थी खींचतान उत्तर प्रदेश 2 महीने पहले 38
समाजवादी पार्टी के विधायक कमाल अख्तर ने उत्तर प्रदेश विधानसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा दे दिया है। इस घटनाक्रम को मुरादाबाद से सपा सांसद रुचि वीरा के साथ उनके बढ़ते मतभेदों से जोड़कर देखा जा रहा है।

अचानक हुआ इस्तीफे का ऐलान

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहाँ समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ विधायक कमाल अख्तर ने विधानसभा में चीफ व्हिप यानी मुख्य सचेतक के पद से इस्तीफा दे दिया है। इस फैसले ने राज्य के सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। अख्तर मुरादाबाद की कांठ विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। बताया जा रहा है कि मुरादाबाद की सांसद रुचि वीरा के साथ उनकी अनबन की खबरें लंबे समय से चर्चा में थीं, जिसके बाद पार्टी आलाकमान ने इस मामले को सुलझाने के लिए लखनऊ में एक विशेष बैठक भी बुलाई थी।

नेतृत्व में फेरबदल की आहट

इस इस्तीफे को समाजवादी पार्टी के विधायी ढांचे में बड़े बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। गौरतलब है कि इससे पूर्व मनोज पांडे इस पद पर आसीन थे, लेकिन राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग करने और बाद में पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के कारण यह पद रिक्त हुआ था। अब कमाल अख्तर के पद छोड़ने के बाद एक बार फिर नेतृत्व में बदलाव की चर्चा तेज हो गई है।

अखिलेश यादव के प्रति वफादारी का संदेश

अपने इस्तीफे के बाद कमाल अख्तर ने खुद को समाजवादी पार्टी का एक समर्पित सिपाही बताया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे हमेशा से पार्टी को मजबूत करने के पक्ष में रहे हैं और भविष्य में भी रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि साल 2027 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाना उनका मुख्य लक्ष्य है। अपने सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने साफ किया कि पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव का जो भी आदेश उन्हें मिला है, उन्होंने हमेशा उसका पालन किया है और आगे भी पार्टी नेतृत्व के हर निर्देश को शिरोधार्य करेंगे।

कौन हैं कमाल अख्तर?

कमाल अख्तर समाजवादी पार्टी के एक अनुभवी और पुराने चेहरे हैं। उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता जामिया मिलिया इस्लामिया से पूरी की है, जहाँ से उन्होंने अर्थशास्त्र और कानून की पढ़ाई की। उनके राजनीतिक करियर की बात करें तो वे वर्ष 2004 से 2010 तक राज्यसभा सांसद रह चुके हैं। इसके बाद साल 2012 में वे हसनपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनकर विधायक बने और उत्तर प्रदेश सरकार में पंचायती राज एवं खाद्य आपूर्ति जैसे अहम कैबिनेट विभागों का कार्यभार संभाला। साल 2017 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन साल 2022 में वे फिर से कांठ सीट से जीत हासिल कर सदन पहुंचे। उनकी पत्नी हुमेरा अख्तर भी राजनीति में सक्रिय हैं, जो 16वीं लोकसभा चुनाव के दौरान अमरोहा सीट से सपा की उम्मीदवार थीं, हालांकि उस चुनाव में उन्हें भाजपा के कंवर सिंह तंवर से हार झेलनी पड़ी थी।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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