सागर के अश्वनी पटेल ने लहराया परचम, 9 साल के संघर्ष के बाद MPPSC में हासिल की सफलता मध्य प्रदेश 3 घंटे पहले 4
सागर निवासी अश्वनी पटेल ने एमपीपीएससी असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा में 57वीं रैंक हासिल की है। चार बार नेट परीक्षा पास करने के बाद मिली इस कामयाबी के पीछे उनका वर्षों का अनुशासन और कठोर परिश्रम है।

नौ साल की मेहनत और अटूट धैर्य

सागर के रहने वाले अश्वनी पटेल ने अपनी मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने एमपीपीएससी असिस्टेंट प्रोफेसर (भूगोल) परीक्षा में 57वीं रैंक प्राप्त कर अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया है। 12 जून को घोषित हुए परिणामों में उनकी सफलता की कहानी सामने आई है, जो उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।

सफलता का लंबा सफर

अश्वनी का राह आसान नहीं थी। उन्होंने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए कुल 10 प्रतियोगी परीक्षाएं दीं। इसके अलावा, उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता का लोहा मनवाते हुए 4 बार नेट परीक्षा भी क्वालीफाई की। मकरोनिया के निवासी अश्वनी के पिता धर्मेंद्र सिंह मध्य प्रदेश पुलिस में आरक्षक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने अपनी तैयारी के शुरुआती 5 वर्ष इंदौर में बिताए, जिसके बाद वह वापस अपने गृह नगर सागर लौट आए।

नौकरी के साथ जारी रखी पढ़ाई

वर्तमान में अश्वनी टीकमगढ़ जिले के लिधौरा महाविद्यालय में गेस्ट फैकल्टी के रूप में पढ़ा रहे हैं। नौकरी की व्यस्तताओं के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई से समझौता नहीं किया। पिछले 3 वर्षों तक उन्होंने पूरी तरह से सेल्फ स्टडी यानी स्वयं अध्ययन पर जोर दिया। उनकी दिनचर्या बेहद अनुशासित थी:

  • सुबह 5 बजे से 9 बजे तक पढ़ाई।
  • शाम 7 बजे से रात 12 बजे तक का समय अध्ययन के लिए समर्पित।
  • कुल मिलाकर वह प्रतिदिन 6 से 7 घंटे की पढ़ाई करते थे।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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