भारत
3 घंटे पहले
6
विचारों
रूसी सेना में भर्ती के नाम पर धोखे से बचने की अपील
भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए रूस की सेना में भर्ती को लेकर एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक नई चेतावनी में भारतीय नागरिकों को स्पष्ट रूप से आगाह किया गया है कि वे रूसी सशस्त्र बलों में शामिल होने से संबंधित किसी भी लुभावने ऑफर के झांसे में न आएं। मंत्रालय ने कहा है कि विदेश में नौकरी के नाम पर मिलने वाले ऐसे प्रस्तावों में न केवल कानूनी पेच होते हैं, बल्कि यह जानलेवा भी साबित हो सकते हैं। पिछले 2 वर्षों से भारत सरकार लगातार इस मामले में हो रही घटनाओं और संभावित खतरों के बारे में देशवासियों को सूचित कर रही है।
आर्थिक लाभ की उम्मीद और जोखिम
विदेश मंत्रालय के अनुसार, सरकार के संज्ञान में ऐसे कई मामले आए हैं जहां लोगों ने स्वैच्छिक रूप से रूसी सेना में शामिल होने के लिए खुद पहल की। इन लोगों को इस बात की उम्मीद थी कि रूसी सेना में भर्ती होने के बाद उन्हें भारी आर्थिक लाभ मिलेगा और बाद में भारत सरकार के हस्तक्षेप से वे आसानी से वहां से बाहर निकल आएंगे। हालांकि, मंत्रालय ने इन दावों को पूरी तरह से खारिज करते हुए कहा है कि यह बहुत खतरनाक रास्ता है। भारत सरकार इस तरह की गतिविधियों को कतई समर्थन नहीं देती और भारतीय नागरिकों को सलाह देती है कि वे अपनी जान जोखिम में डालने वाला ऐसा कोई कदम न उठाएं।
नागरिकता छोड़ने और पासपोर्ट के जाल में न फंसें
मंत्रालय ने उन लोगों के लिए भी चेतावनी जारी की है जो बिना पूरी जानकारी लिए रूसी पासपोर्ट हासिल करने की योजना बना रहे हैं। मंत्रालय ने जानकारी दी है कि कुछ भारतीय नागरिकों ने बिना किसी सरकारी सलाह या कानूनी परामर्श के ही अपनी भारतीय नागरिकता छोड़ने और रूसी पासपोर्ट लेने का विचार किया है ताकि वे रूसी सेना में भर्ती हो सकें। ऐसा अस्थायी आर्थिक प्रलोभन के चलते किया जा रहा है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि नागरिकता छोड़ने जैसा बड़ा फैसला लेने से पहले नागरिकों को इसके दूरगामी गंभीर परिणामों और वहां के युद्ध के मैदान में मौजूद जानलेवा खतरों को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए।
गैर-सार्वजनिक संस्थाओं का जाल
जांच में यह भी सामने आया है कि रूसी सेना में विदेशियों की भर्ती सीधे सरकारी माध्यमों के अलावा गैर-सार्वजनिक संस्थाओं के जरिए भी की जा रही है। इसमें कई तरह के स्वैच्छिक समूह और एजेंसियां शामिल हैं। मंत्रालय ने विशेष रूप से भारतीय युवाओं को इन समूहों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है। किसी भी तरह के अल्पकालिक वित्तीय लाभ के लिए अपनी सुरक्षा को दांव पर लगाना जानलेवा जोखिमों को न्योता देने जैसा है।
भारतीयों की सुरक्षित वापसी के लिए सरकार का प्रयास
विदेश मंत्रालय ने यह सुनिश्चित किया है कि वे रूस में मौजूद भारतीयों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर हैं। भारत सरकार रूसी पक्ष के साथ लगातार उच्च स्तरीय संपर्क बनाए हुए है। इसका मुख्य उद्देश्य उन सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, उनके कल्याण और उनकी जल्द से जल्द सुरक्षित रिहाई को सुनिश्चित करना है जो वर्तमान में रूसी सशस्त्र बलों में किसी न किसी तरह से सेवा देने के लिए मजबूर हैं। इस विषय पर रूस के साथ निरंतर कूटनीतिक बातचीत जारी है।
वेरिफाइड एजेंट से ही लें नौकरी की जानकारी
मंत्रालय ने देशवासियों को सलाह दी है कि विदेश में नौकरी के ऑफर मिलने पर अति-उत्साहित होने के बजाय पूरी सावधानी बरतें। ऐसे एजेंटों से पूरी तरह सतर्क रहने की आवश्यकता है जो सरकार द्वारा पंजीकृत नहीं हैं। नौकरी के किसी भी प्रस्ताव पर काम शुरू करने से पहले केवल सत्यापित और भरोसेमंद स्रोतों का ही उपयोग करें। हाल ही में तेलंगाना के 4 युवाओं का मामला भी सामने आया था, जिन्हें सिविल नौकरी का झांसा देकर रूस में सेना में भर्ती कर लिया गया था, जो सुरक्षा की दृष्टि से एक बड़ा सबक है।
Comments
0 comment