रोहिणी मर्डर केस: मेले का बहाना और खूनी खेल, प्रेमी के चक्कर में भतीजी ने रची मौसा की हत्या की साजिश
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एक घंटा पहले
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दिल्ली के रोहिणी में सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा
दिल्ली के रोहिणी इलाके से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने सबको झकझोर कर रख दिया है। रोहिणी के सेक्टर-3 में रहने वाले 60 वर्षीय राकेश खन्ना की उनके ही घर में निर्मम हत्या कर दी गई। शुरू में यह मामला घर में लूटपाट का लग रहा था, लेकिन जब पुलिस ने जांच की दिशा बदली तो परत-दर-परत खौफनाक सच सामने आया। पुलिस ने इस मामले में सिमरन, हिमांशु, चिराग और पारस को गिरफ्तार किया है। यह साजिश किसी बाहरी अपराधी ने नहीं, बल्कि पीड़ित की ही एक रिश्तेदार सिमरन ने रची थी, जिसका मकसद घर में रखे कीमती गहने लूटना था।
मेले के बहाने घर को किया खाली
जांच में पता चला है कि इस वारदात को अंजाम देने के लिए एक शातिर योजना बनाई गई थी। मुख्य आरोपी सिमरन ने राकेश खन्ना के परिवार को मेले में घूमने जाने के लिए राजी किया। सिमरन ने इस तरह का माहौल बनाया कि परिवार के बाकी सदस्य घर से बाहर निकल जाएं और राकेश खन्ना घर में अकेले रह जाएं। जैसे ही घर खाली हुआ, हत्यारों के लिए रास्ता साफ हो गया। पुलिस के मुताबिक, सिमरन ने घर का सेंट्रल लॉक खुलवाया, जिसके बाद चिराग और पारस सीधे घर के अंदर घुस गए और राकेश खन्ना की जान ले ली।
प्रेमी के साथ मिलकर रची पूरी साजिश
इस हत्याकांड की मुख्य कड़ी सिमरन को माना जा रहा है। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि सिमरन के हिमांशु नाम के युवक के साथ प्रेम संबंध थे। हिमांशु एक जिम चलाता है। आरोप है कि इन दोनों ने मिलकर इस पूरे अपराध की पटकथा लिखी। जब घर के अंदर चिराग और पारस हत्या की घटना को अंजाम दे रहे थे, तब सिमरन और हिमांशु बिल्डिंग के बाहर तैनात थे। वे पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए थे ताकि किसी के आने पर वे सतर्क हो सकें। पुलिस अब इन चारों आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही है ताकि घटना से जुड़ी हर एक कड़ी को जोड़ा जा सके।
80 लाख के फ्लैट की बिक्री से जुड़ा था सोने का लालच
आरोपियों ने यह खूनी खेल सिर्फ और सिर्फ संपत्ति और सोने के लालच में खेला था। पुलिस को जांच में पता चला कि राकेश खन्ना ने हाल ही में करीब 80 लाख रुपये में एक फ्लैट बेचा था। सिमरन को इस लेनदेन की पूरी जानकारी थी। उसे यह भी पता था कि राकेश ने बेचे गए फ्लैट की मोटी रकम से काफी सारा सोना खरीदा है। आरोपियों को लगा कि घर में भारी मात्रा में सोना मिल जाएगा, लेकिन उनकी उम्मीदें पूरी तरह सफल नहीं हुईं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के हाथ केवल करीब 1.5 लाख रुपये की ज्वेलरी ही लगी। पुलिस ने दावा किया है कि लूट की गई वह ज्वेलरी बरामद कर ली गई है।
जांच का दायरा और पुलिस की कार्रवाई
जब पुलिस को राकेश खन्ना का शव मिला और घर का सामान बिखरा हुआ पाया गया, तो प्राथमिक तौर पर इसे लूट की घटना समझा गया। हालांकि, पुलिस ने हार नहीं मानी और सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए। इलाके की गतिविधियों और संदिग्धों के मूवमेंट की जांच के बाद शक की सुई परिवार के करीबी लोगों पर आ टिकी। पुलिस ने सबूतों के आधार पर सिमरन, हिमांशु, चिराग और पारस को दबोच लिया। अभी पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरी साजिश को कब और कहां अंतिम रूप दिया गया था।
क्या है पुलिस का अगला कदम
पुलिस फिलहाल इस मामले से जुड़े हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है। आरोपियों द्वारा घटना के दौरान इस्तेमाल किए गए उपकरणों और उनकी आपसी बातचीत के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद अब पुलिस फॉरेंसिक सबूतों और सीसीटीवी फुटेज के जरिए अदालत में एक मजबूत मामला तैयार कर रही है। सिमरन और हिमांशु की भूमिका, चिराग और पारस का घर के अंदर घुसने का तरीका और बाकी साजिशकर्ताओं की पहचान करने के लिए आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ की जा रही है। इस मामले में अब आगे की कानूनी कार्यवाही चल रही है ताकि दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।
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