उत्तराखंड
4 घंटे पहले
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विचारों
मानसून और एडवेंचर स्पोर्ट्स का संबंध
ऋषिकेश को देश की एडवेंचर कैपिटल के रूप में जाना जाता है, जहां हर साल लाखों पर्यटक रिवर राफ्टिंग, बंजी जंपिंग, कयाकिंग और ट्रेकिंग जैसी गतिविधियों के लिए आते हैं। हालांकि, मानसून शुरू होते ही इन रोमांचक खेलों पर अस्थायी रोक लगा दी जाती है। इस बारे में Splash Bungee के मैनेजर आशीष ने बताया कि पहाड़ों में होने वाली लगातार बारिश का सीधा असर गंगा और उसकी सहायक नदियों पर पड़ता है, जिससे जलस्तर और बहाव दोनों ही खतरनाक स्तर तक बढ़ जाते हैं।
क्यों बंद की जाती है रिवर राफ्टिंग?
बारिश के दिनों में नदी का व्यवहार समझना मुश्किल हो जाता है। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
- नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ना।
- पानी के बहाव की गति सामान्य दिनों की तुलना में काफी ज्यादा हो जाना।
- नदी में अचानक बनने वाली तेज धाराएं और अनियंत्रित जल प्रवाह।
- किसी भी समय होने वाली दुर्घटना का जोखिम।
प्रशासन और एडवेंचर ऑपरेटर्स सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राफ्टिंग को बंद करना ही बेहतर समझते हैं।
अन्य गतिविधियों पर मानसून का असर
मानसून केवल राफ्टिंग को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि अन्य एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है:
- Kayaking: नदी के बदले स्वरूप के कारण पानी की गहराई और प्रवाह का अनुमान लगाना मुश्किल हो जाता है, जिससे जोखिम कई गुना बढ़ जाता है।
- Bungee Jumping: तेज हवाएं और लगातार बारिश प्लेटफॉर्म को फिसलन भरा बना देती है, जिससे सुरक्षा मानकों पर असर पड़ता है।
- Trekking: पहाड़ी रास्तों पर फिसलन बढ़ जाती है और भूस्खलन के साथ पहाड़ों से पत्थर गिरने का खतरा बना रहता है। खराब दृश्यता के कारण रास्ता भटकने की भी आशंका रहती है।
प्रशासन और स्थानीय कंपनियां पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती हैं। एडवेंचर स्पोर्ट्स का सही आनंद सुरक्षित रहकर ही लिया जा सकता है, इसलिए मानसून के दौरान इन गतिविधियों पर रोक लगाना एक आवश्यक सुरक्षा कदम होता है।
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