ऊंचाई, ठंड और कम ऑक्सीजन से बिगड़ी हालत: केदारनाथ जाने से पहले जान लें ये जरूरी बातें उत्तराखंड 3 महीने पहले 37
मध्य प्रदेश की 52 वर्षीय श्रद्धालु को केदारनाथ यात्रा के दौरान सांस लेने में तकलीफ और सीने में दर्द जैसी समस्याओं के चलते अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। जानिए लगभग 11,700 फीट की ऊंचाई वाली इस कठिन यात्रा पर निकलने से पहले किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ यात्रा हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींचती है। बाबा केदार के दर्शन की आस्था लोगों को मुश्किल से मुश्किल रास्ता पार करने का हौसला देती है। लेकिन यह यात्रा जितनी आध्यात्मिक है, उतनी ही कठिन भी मानी जाती है। समुद्र तल से लगभग 11,700 फीट की ऊंचाई पर बसे केदारनाथ धाम तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को बदलते मौसम, खड़ी चढ़ाई और कम ऑक्सीजन जैसी परिस्थितियों से जूझना पड़ता है। ऐसे में जरा सी लापरवाही भी सेहत से जुड़ी गंभीर परेशानियां खड़ी कर सकती है।

श्रद्धालु ने साझा किया अपना अनुभव

हाल ही में मध्य प्रदेश के छतरपुर से केदारनाथ यात्रा पर पहुंचीं 52 वर्षीय गंगोत्री पाठक ने अपना अनुभव बताते हुए कहा कि वह पूरी तरह स्वस्थ होकर यात्रा के लिए निकली थीं। शुरुआत में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन जैसे-जैसे ऊंचाई बढ़ती गई, उन्हें सांस लेने में दिक्कत, सीने में दर्द, चक्कर और कमजोरी महसूस होने लगी। मौसम में अचानक आए बदलाव और कड़ाके की ठंड ने उनकी हालत और बिगाड़ दी। थोड़ी ही देर में उनकी तबीयत इतनी खराब हो गई कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराकर ऑक्सीजन सपोर्ट देना पड़ा।

उन्होंने बताया कि पहाड़ों में मौसम का कोई भरोसा नहीं होता। कुछ मिनट पहले जहां तेज धूप खिली होती है, वहीं अचानक बारिश, बर्फबारी और ठंडी हवाएं शुरू हो सकती हैं। ये बदलाव शरीर पर सीधा असर डालते हैं, खासकर उन लोगों पर जो ऊंचाई वाले क्षेत्रों के वातावरण के आदी नहीं होते। उनके साथ यात्रा कर रहे 11 अन्य लोगों को भी बुखार और कमजोरी जैसी शिकायतें हुईं, हालांकि सबसे ज्यादा तबीयत उन्हीं की बिगड़ी।

जल्दबाजी से बचें, क्षमता के अनुसार बढ़ें

सलाह दी जाती है कि ट्रेक के दौरान कोई भी जल्दबाजी न करे और अपनी शारीरिक क्षमता के मुताबिक ही आगे बढ़े। पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। बहुत भारी सामान उठाकर चलने से बचें और बीच-बीच में आराम जरूर करें।

गंभीर बीमारी में डॉक्टर की सलाह जरूरी

यदि किसी व्यक्ति को पहले से अस्थमा, हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर या कोई अन्य गंभीर बीमारी है तो यात्रा पर निकलने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए। इसके साथ ही गर्म कपड़े, रेनकोट, जरूरी दवाइयां और ऊर्जा देने वाले खाद्य पदार्थ अपने पास रखना भी आवश्यक है।

ऊंचाई पर घट जाती है ऑक्सीजन की मात्रा

ऊंचाई बढ़ने के साथ वातावरण में ऑक्सीजन की मात्रा कम होती जाती है। इससे शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और कई लोगों को सांस फूलने, सिरदर्द, चक्कर, थकान, घबराहट और सीने में दर्द जैसी समस्याएं घेरने लगती हैं। अगर इन लक्षणों को नजरअंदाज किया जाए तो स्थिति गंभीर रूप ले सकती है। यही वजह है कि केदारनाथ जैसी ऊंचाई वाली यात्राओं में स्वास्थ्य को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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