RGHS फर्जीवाड़े पर SOG का शिकंजा, तीन और आरोपी सलाखों के पीछे; जानिए पूरा घटनाक्रम राजस्थान एक महीने पहले 26
राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम में करोड़ों के फर्जीवाड़े की जांच कर रहे SOG ने सीकर से जुड़े मामले में लैब के तीन और कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। अब तक की पड़ताल में करीब 4 करोड़ रुपये के घोटाले के संकेत मिले हैं।

Rajasthan Govt Health Scheme: राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने इस प्रकरण में सख्त रुख अपनाते हुए 3 और आरोपियों को हिरासत में लिया है। अब तक हुई जांच में करीब 4 करोड़ रुपये के गबन के सबूत सामने आए हैं, हालांकि इससे जुड़े पूरे गिरोह की पड़ताल अब भी जारी है।

सरकारी पैसे की लूट पर कसता शिकंजा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत RGHS में फर्जी क्लेम, गैरजरूरी जांच और सरकारी धन के दुरुपयोग जैसे मामलों पर लगातार कार्रवाई हो रही है। इसी क्रम में सीकर जिले से जुड़े एक बड़े फर्जीवाड़े की जांच का जिम्मा SOG को सौंपा गया था।

बेवजह की जांचें लिखकर खजाने से निकाले करोड़ों

पड़ताल में खुलासा हुआ कि सीकर स्थित डॉ. विजय एंड बी लाल डायग्नोस्टिक सेंटर के जरिए कुछ डॉक्टरों और लैब संचालकों ने मिलीभगत कर RGHS योजना का दुरुपयोग किया। आरोप है कि मरीजों को देखे बिना ही फर्जी ओपीडी पर्चियां बना दी गईं, गैरजरूरी जांचें लिखी गईं और झूठी जांच रिपोर्ट तैयार कर RGHS पोर्टल पर अपलोड कर दी गईं। इन्हीं के आधार पर राज्य सरकार से करोड़ों रुपये का भुगतान वसूल लिया गया।

लैब के तीन कर्मचारी गिरफ्तार

इस मामले में लैब संचालक बनवारी लाल उर्फ बी लाल और डॉ. कमल कुमार अग्रवाल की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है। जांच को आगे बढ़ाते हुए SOG ने अब लैब के तीन कर्मचारियों — बजरंग सिंह, अरविंद कुमार शीला और विक्रम कल्याण — को भी गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये कर्मचारी RGHS लाभार्थियों के कार्ड नंबर जुटाने, फर्जी पर्चियां बनवाने और उन्हें डॉक्टरों तक पहुंचाने जैसे कामों में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।

पूरे गिरोह तक पहुंचने में जुटी पुलिस

तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 16 जून 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। रिमांड अवधि में पूरे नेटवर्क, फर्जी भुगतान, अन्य संभावित आरोपियों और रकम के लेन-देन की गहराई से जांच की जा रही है।

संपत्ति जब्ती की कार्रवाई संभव

SOG अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान सामने आने वाले अन्य डॉक्टरों, लैब संचालकों और कर्मचारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर आरोपियों की चल-अचल संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।

लाभार्थियों से सरकार की अपील

राजस्थान सरकार ने RGHS लाभार्थियों से अपील की है कि वे अपना कार्ड और उससे जुड़ी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। इलाज और जांच के बाद मिलने वाली पर्चियों तथा बिलों का स्वयं मिलान अवश्य करें, ताकि किसी भी प्रकार के दुरुपयोग का समय रहते पता चल सके।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप