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एक घंटा पहले
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सूडान में गहराया गृहयुद्ध
सूडान में सेना और अर्धसैनिक संगठन रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) के बीच जारी खूनी संघर्ष अब और अधिक भयावह हो गया है। ताजा हमलों के दौरान ड्रोन का इस्तेमाल करके बड़ी संख्या में आम लोगों को निशाना बनाया गया है। देश के विभिन्न हिस्सों में हुए इन हमलों में अब तक 160 से ज्यादा लोगों की मृत्यु होने की सूचना है, जिसने पूरे देश में दहशत फैला दी है।
बाजार और बस स्टॉप पर निशाना
हाल के हमलों में सबसे घातक हमला दक्षिण-पश्चिमी सूडान के वेस्ट कोर्डोफान राज्य के अल-दिबाब शहर में हुआ। रविवार की शाम जब लोग बाजार से अपने गांव लौटने के लिए बस स्टॉप पर एकत्रित थे, तभी ड्रोन ने वहां मौजूद भीड़ को निशाना बनाया। स्थानीय निवासियों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने जानकारी दी कि इस एक हमले में लगभग 80 लोगों की जान चली गई।
समाचार एजेंसी AFP की रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले में बड़ी संख्या में लोग घायल भी हुए थे। 47 घायलों को इलाज के लिए पास के अल-मुज्लाद शहर के अस्पताल में भेजा गया था, लेकिन अफसोस की बात यह है कि उनमें से 30 लोगों ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया, जिससे मृतकों का आंकड़ा और बढ़ गया।
बच्चों पर भी नहीं रहम
ड्रोन हमलों की यह बर्बरता केवल बाजारों तक ही सीमित नहीं रही है। राजधानी खार्तूम में भी ड्रोन हमले की एक दुखद घटना सामने आई है, जिसमें 3 बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। इसके अलावा न्याला और ब्लू नाइल क्षेत्रों में भी इस तरह की हिंसा की खबरें आई हैं। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, इन हमलों में मारे जाने वालों में मासूम बच्चे भी शामिल हैं, जो इस युद्ध की भयावहता को दर्शाते हैं।
लगातार बढ़ता जा रहा है तनाव
सूडान में सेना और RSF के बीच अप्रैल 2023 से ही भीषण लड़ाई चल रही है। हालांकि, हाल के कुछ महीनों में ड्रोन तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल ने आम नागरिकों के लिए जीना दूभर कर दिया है। इमरजेंसी लॉयर्स नामक संगठन, जो सूडान में नागरिकों के खिलाफ होने वाली हिंसा पर नजर रखता है और RSF के स्वघोषित प्रशासन तासिस ने इस भीषण हमले के लिए सूडानी सेना को जिम्मेदार ठहराया है। हर गुजरते दिन के साथ यह गृहयुद्ध आम लोगों के लिए और अधिक असुरक्षित होता जा रहा है।
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