उत्तर कोरिया का फिर शक्ति प्रदर्शन, 3 घंटे के भीतर दागीं 2 मिसाइलें विश्व 3 घंटे पहले 2
कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव उस वक्त बढ़ गया जब उत्तर कोरिया ने महज तीन घंटे के अंतराल पर दो मिसाइलें दागकर अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन किया।

कोरियाई प्रायद्वीप में फिर गरजीं मिसाइलें

रविवार का दिन कोरियाई प्रायद्वीप के लिए काफी तनावपूर्ण रहा। उत्तर कोरिया ने अपनी सैन्य गतिविधियों को तेज करते हुए महज तीन घंटे के भीतर दो मिसाइलों का परीक्षण किया है। इस घटना ने एक बार फिर से क्षेत्र में सुरक्षा की चिंताओं को बढ़ा दिया है। उत्तर कोरिया की इस कार्रवाई पर पड़ोसी देशों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

वॉनसान से हुआ पहला हमला

उत्तर कोरिया की तरफ से पहली मिसाइल पूर्वी तट पर स्थित वॉनसान इलाके से दागी गई। यह प्रक्षेपण दोपहर करीब 3 बजे के आसपास किया गया। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह मिसाइल हवा में लगभग 450 किलोमीटर की दूरी तय करने में सफल रही। दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने इस मिसाइल को कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल (SRBM) के रूप में चिन्हित किया है। माना जा रहा है कि यह मिसाइल उत्तर कोरिया की चर्चित ह्वासोंग-11 श्रृंखला का हिस्सा हो सकती है।

बैलिस्टिक मिसाइल की मारक क्षमता

बैलिस्टिक मिसाइलें अपनी गति और प्रक्षेपवक्र के लिए जानी जाती हैं, जो पहले तेजी से ऊंचाई पर जाती हैं और फिर निर्धारित लक्ष्य की ओर गिरती हैं। कम दूरी की इन मिसाइलों का उपयोग मुख्य रूप से निकटवर्ती सैन्य ठिकानों या महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों को निशाना बनाने के लिए किया जाता है। जापान ने भी इस घटनाक्रम पर अपनी चिंता व्यक्त की है। जापानी अधिकारियों की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, मिसाइल ने उनके विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के बाहर जाकर पानी में दस्तक दी।

महज 3 घंटे में दूसरा परीक्षण

उत्तर कोरिया यही नहीं रुका। पहली मिसाइल के दागने के करीब तीन घंटे बाद ही उसने एक और अज्ञात प्रक्षेप्य यानी प्रोजेक्टाइल को हवा में छोड़ा। हालांकि इस दूसरे परीक्षण के प्रकार और उसकी मारक क्षमता को लेकर अभी स्पष्ट विवरण उपलब्ध नहीं हो सका है, लेकिन यह साफ है कि प्योंगयांग बहुत कम समय में अपनी मिसाइल तकनीक का बड़ा प्रदर्शन करना चाहता था। यदि यह दूसरी मिसाइल भी बैलिस्टिक मिसाइल श्रेणी की पुष्टि होती है, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि उत्तर कोरिया एक सोची समझी रणनीति के तहत अपने हथियारों का परीक्षण कर रहा है।

अंतरराष्ट्रीय निगरानी और प्रतिक्रिया

दक्षिण कोरियाई सेना और अमेरिका लगातार इन परीक्षणों पर नजर बनाए हुए हैं। इन दोनों देशों ने न केवल इस गतिविधि की निगरानी की है, बल्कि जापान के साथ मिलकर महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी भी साझा की है। फिलहाल, अमेरिका और उसके सहयोगी देश इन परीक्षणों के निहितार्थों का विश्लेषण कर रहे हैं, ताकि भविष्य में होने वाले खतरों का सही आकलन किया जा सके।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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