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एक घंटा पहले
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नवरात्रि में फलाहारी व्यंजनों का बदलता चलन
नवरात्रि का पावन पर्व पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। इस दौरान मां दुर्गा की आराधना के अलग-अलग रूप देखने को मिलते हैं, जहां कुछ भक्त सुबह मंदिरों में दर्शन के लिए जाते हैं, तो वहीं कई लोग नौ दिनों का कठिन व्रत भी रखते हैं। व्रत रखने वाले श्रद्धालु अपनी ऊर्जा बनाए रखने के लिए फलाहारी भोजन का सेवन करते हैं। हालांकि, पिछले कुछ समय में खान-पान का ट्रेंड पूरी तरह से बदल गया है। अब लोग घर पर बने सादे फलाहारी भोजन के बजाय बाजारों में मिलने वाले विशेष फलाहारी सेंटरों के स्वादिष्ट और चटपटे विकल्पों को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं। सागर शहर में कटरा बड़ा बाजार, गोपालगंज, सिविल लाइन, मोती नगर और मकरोनिया जैसे इलाकों में इन दिनों फलाहारी दुकानों की रौनक देखते ही बन रही है, जहां ग्राहकों की लगातार भीड़ उमड़ रही है।
कटरा बाजार के फलाहारी सेंटर की लोकप्रियता
सागर के कटरा बाजार में स्थित एक विशेष फलाहारी केंद्र इस सीजन में लोगों की पहली पसंद बना हुआ है। यहां दूर-दराज के क्षेत्रों से भी ग्राहक अपने पसंदीदा फलाहारी व्यंजनों का आनंद लेने पहुंच रहे हैं। इस केंद्र के संचालक विकास केसरवानी के अनुसार, यहां तैयार की जाने वाली साबूदाना खिचड़ी, साबूदाना बड़ा, गटपट चाट और चिप्स चाट की मांग काफी ज्यादा बढ़ गई है। लोग इन चीजों के स्वाद के इतने दीवाने हैं कि दुकान की तलाश करते हुए वे यहां तक पहुंच जाते हैं।
क्यों खास है गटपट चाट और चिप्स चाट
विकास केसरवानी ने बताया कि उनकी दुकान पर मिलने वाली 'गटपट चाट' और 'चिप्स चाट' की विधि बहुत ही अनोखी है। उनके अनुसार, गटपट चाट को तैयार करने में मात्र 2 मिनट का समय लगता है। इसे बनाने की प्रक्रिया इस प्रकार है:
- इसमें उबले हुए आलू का उपयोग किया जाता है, जिसे पहले से ही तैयार करके रखा जाता है।
- इसमें तीन प्रकार के सेव का इस्तेमाल होता है, जिसमें तीखे, मीठे और सिंघाड़े के आटे से बने सेव शामिल हैं।
- स्वाद बढ़ाने के लिए दो तरह की विशेष चटनी, सेंधा नमक (फलाहारी नमक), मिर्च और ताजा धनिया मिलाया जाता है।
- इन सभी सामग्रियों को एक बर्तन में अच्छी तरह मिलाया जाता है और तुरंत परोस दिया जाता है।
इसी तरह, चिप्स चाट भी यहां का एक प्रमुख व्यंजन है। इसमें केला और आलू की दो प्रकार की चिप्स का उपयोग किया जाता है। ऊपर से इसमें सेव, धनिया, नमक और चटनी डालकर इसे स्वादिष्ट बनाया जाता है। इन दोनों ही व्यंजनों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनमें तेल का उपयोग बहुत कम किया जाता है, जिससे ये स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं होते और व्रत के दौरान इन्हें खाना काफी हेल्दी माना जाता है।
ग्राहकों की बढ़ती भीड़ और सकारात्मक प्रतिक्रिया
विकास केसरवानी का कहना है कि नवरात्रि के दौरान उनके पास शहर के कोने-कोने से लोग आ रहे हैं और मांग पिछले दिनों की तुलना में काफी बढ़ गई है। यहां आने वाले ग्राहक इन फलाहारी आइटम्स की जमकर तारीफ कर रहे हैं। देवांश बजाज का कहना है कि इस सेंटर पर स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाता है, जो ग्राहकों का भरोसा बढ़ाता है। वे कहते हैं कि विकास के हाथों में एक अनोखा जादू है, जिससे साबूदाना खिचड़ी हो या गटपट चाट, हर चीज का स्वाद लाजवाब होता है।
इसी तरह, लगभग 8 किलोमीटर दूर लाल कुर्ती इलाके से आए सचिन यादव ने बताया कि वह केवल इन फलाहारी व्यंजनों का स्वाद लेने के लिए विशेष रूप से शहर आते हैं। उनका मानना है कि इस तरह के हेल्दी विकल्प व्रत के कठिन दिनों में काफी राहत देते हैं। लोगों के इस उत्साह को देखते हुए स्पष्ट है कि सागर में फलाहारी सेंटर का यह नया प्रयोग काफी सफल रहा है और यह लोगों के बीच एक बड़ा आकर्षण बनकर उभरा है।
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