जयपुर का मशहूर 'जय गोविंद फायर कुलचा': पनीर और चीज से भरपूर इस स्वाद के दीवाने हैं हर कोई जीवनशैली 4 घंटे पहले 5
जयपुर की तंग गलियों में आग की लपटों के बीच तैयार होने वाला 'फायर कुलचा' अपने अनोखे जायके और बनाने के खास तरीके के लिए देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। मात्र 100 रुपये की कीमत वाले इस खास स्ट्रीट फूड को चखने के लिए दूर-दूर से लोग चौड़ा रास्ता पहुंचते हैं।

जयपुर की गलियों में अनोखा स्वाद

राजस्थान की राजधानी जयपुर अपनी ऐतिहासिक विरासत और राजसी महलों के लिए जानी जाती है, लेकिन शहर की संकरी गलियों में छिपा स्ट्रीट फूड का खजाना इसे और भी खास बनाता है। इन्हीं गलियों में से एक है 'चौड़ा रास्ता', जहां का मशहूर 'जय गोविंद फायर कुलचा' लोगों की पहली पसंद बन चुका है। आमतौर पर छोले-कुलचे का नाम सुनते ही तवे पर सेंके गए सादे कुलचे याद आते हैं, लेकिन यहां का अंदाज एकदम जुदा है। यहां कुलचों को आग की तेज लपटों के बीच तैयार किया जाता है, जिसे देखने का अनुभव भी उतना ही रोमांचक होता है जितना कि इसका स्वाद।

तैयार करने का खास अंदाज

इस फायर कुलचे को बनाने की प्रक्रिया किसी प्रदर्शन से कम नहीं है। दुकान पर काम करने वाले कारीगर जिस फुर्ती और कलाकारी से कुलचे को आग पर भूनते हैं, उसे देखकर ही राहगीरों के मुंह में पानी आ जाता है। तेज आंच पर भुनने के कारण कुलचे में एक सौंधी खुशबू और क्रिस्पी टेक्सचर आ जाता है। शाम ढलते ही इस छोटे से ठेले के पास खाने वालों की लंबी कतारें लग जाती हैं। सोशल मीडिया के इस दौर में तो इस कुलचे के बनाने और परोसने के वीडियो इंटरनेट पर खूब वायरल हो रहे हैं, जिसके कारण अब यहां स्थानीय लोगों के अलावा जयपुर घूमने आने वाले पर्यटक भी बड़ी संख्या में पहुंचने लगे हैं।

सामग्री और जायका

जय गोविंद फायर कुलचे के स्वाद का असली राज इसकी टॉपिंग और मिश्रण में छिपा है। इसे केवल सादा नहीं परोसा जाता, बल्कि इसमें प्याज, टमाटर, पनीर, और ढेर सारा चीज डाला जाता है। क्रीम का इस्तेमाल इसे और भी क्रीमी और स्वादिष्ट बनाता है। साथ में परोसी जाने वाली तीखी हरी चटनी इसके जायके में चार चांद लगा देती है। छोले और कुलचे का यह अनोखा मेल स्वाद के शौकीनों के लिए किसी ट्रीट से कम नहीं है।

धार्मिक आस्था से जुड़ा है यह स्वाद

इस ठेले की एक और खास बात यह है कि यह केवल स्वाद पर ही केंद्रित नहीं है, बल्कि यहां की एक धार्मिक परंपरा भी है। दुकानदार का कहना है कि काम शुरू करने से पहले सबसे पहले बिना प्याज और लहसुन वाले कुलचे तैयार किए जाते हैं। इन कुलचों का भोग पास ही स्थित 'ताड़केश्वर महादेव मंदिर' में अर्पित किया जाता है। भगवान को भोग लगाने के बाद ही आम ग्राहकों के लिए बिक्री की शुरुआत होती है, जो इसे लोगों की नजर में और भी विशेष बनाता है।

कीमत और उपलब्धता

जयपुर के अन्य हिस्सों में छोले-कुलचे की सामान्य प्लेट अक्सर 50 से 60 रुपये में मिल जाती है, लेकिन 'जय गोविंद फायर कुलचा' की एक प्लेट की कीमत 100 रुपये है। इस कीमत में आपको आग पर तैयार किए गए शानदार कुलचे के साथ स्वादिष्ट छोले और ऊपर से पनीर, चीज व क्रीम की भरमार मिलती है। चौड़ा रास्ता इलाके में पिछले करीब 5 साल से यह ठेला लगातार लोगों को अपने स्वाद का दीवाना बना रहा है। यदि आप भी जयपुर में किसी खास स्ट्रीट फूड की तलाश में हैं, तो इस फायर कुलचे को चखना बिल्कुल न भूलें क्योंकि इसका अनुभव आपके लिए अविस्मरणीय होगा।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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