जमशेदपुर का अनोखा नाश्ता: बिना तेल-मसाले के गर्म नमक में तैयार होता है यह 10 अनाजों वाला भुजा जीवनशैली एक घंटा पहले 2
जमशेदपुर के काशीडीह चौक पर मिलने वाला 10 अनाजों का चूड़ा भुजा अपने अनूठे बनाने के तरीके और स्वास्थ्यवर्धक गुणों के कारण लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। मात्र ₹20 की मामूली कीमत में मिलने वाला यह नाश्ता स्वाद और पोषण का बेहतरीन संगम है।

जमशेदपुर की गलियों में स्वाद का नया ठिकाना

झारखंड के औद्योगिक शहर जमशेदपुर में शाम के नाश्ते के लिए एक बेहद खास और स्वस्थ विकल्प तेजी से लोगों की पसंद बनता जा रहा है। काशीडीह चौक के पास मिलने वाला '10 अनाजों का चूड़ा भुजा' इन दिनों चर्चा का विषय है। इस नाश्ते की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसे तैयार करने के लिए किसी भी तरह के तेल या हानिकारक मसालों का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। इसके बजाय, इसे गर्म नमक की आंच पर भूनकर तैयार किया जाता है, जो इसे बाजार में मिलने वाले अन्य तले-भुने स्नैक्स से पूरी तरह अलग और बेहतर बनाता है।

क्या है इस भुजा की खासियत

यह भुजा कोई साधारण नाश्ता नहीं है, बल्कि इसमें स्वास्थ्य का पूरा ख्याल रखा जाता है। इसमें मुख्य रूप से चूड़ा, चना, बादाम, कॉर्न फ्लेक्स और स्वीट कॉर्न जैसी पौष्टिक सामग्रियों को शामिल किया जाता है। कुल मिलाकर 10 तरह के अनाजों का मिश्रण होने के कारण यह न केवल खाने में स्वादिष्ट लगता है, बल्कि शरीर को पोषण भी प्रदान करता है। गर्म नमक में भुनने के कारण हर निवाले में एक अद्भुत कुरकुरापन महसूस होता है, जो ग्राहकों को बार-बार यहां आने के लिए प्रेरित करता है।

तैयार करने की अनोखी विधि

इस भुजा को बेचने वाले सोनू कुमार गुप्ता बताते हैं कि इसे बनाने का तरीका काफी पारंपरिक और दिलचस्प है। सबसे पहले एक बड़ी कड़ाही में नमक को अच्छी तरह गर्म किया जाता है। जब नमक का तापमान एक निश्चित स्तर पर पहुंच जाता है, तब उसमें अनाज और अन्य सामग्री डाली जाती हैं। गर्म नमक की आंच सामग्री को चारों तरफ से समान रूप से भून देती है। इस पूरी प्रक्रिया में तेल का उपयोग शून्य होता है, जिससे यह नाश्ता हल्का रहता है और पचने में भी आसान होता है।

किफायती और सेहतमंद विकल्प

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग ऐसे नाश्ते की तलाश में रहते हैं जो जल्दी मिल जाए और सेहत को भी नुकसान न पहुंचाए। काशीडीह चौक का यह भुजा उन लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प है जो समोसे या पकौड़ों जैसे तली हुई चीजों से परहेज करते हैं। इसकी कीमत की बात करें तो यह काफी किफायती है। यह भुजा 200 रुपये प्रति किलो की दर से मिलता है। अधिकतर ग्राहक मात्र ₹20 में 100 ग्राम की मात्रा में इसे खरीदना पसंद करते हैं, जिससे उनका पेट भी भर जाता है और जेब पर बोझ भी नहीं पड़ता।

स्थानीय लोगों की क्या है राय

यहां नियमित रूप से आने वाले स्थानीय निवासी और ग्राहक आसिम पात्रा बताते हैं कि इस भुजा की लोकप्रियता का मुख्य कारण इसका अनोखा स्वाद और बनाने का साफ-सुथरा तरीका है। उनका कहना है कि शाम के वक्त चाय के साथ यह एक आदर्श स्नैक है, जो रोजमर्रा के बाजारू नाश्ते की तुलना में कहीं अधिक शुद्ध है। 10 तरह के अनाजों का मेल इसे सामान्य चूड़ा भुजा से कई गुना बेहतर स्वाद देता है, जिससे एक बार खाने वाला व्यक्ति इसे दोबारा जरूर खाना चाहता है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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