जीवनशैली
2 घंटे पहले
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विचारों
जमशेदपुर के स्ट्रीट फूड में अनोखा प्रयोग
जमशेदपुर में भोजन के शौकीनों के लिए आए दिन नए स्वाद और अनोखे प्रयोग सामने आते रहते हैं। शहर की चहल-पहल वाली सड़कों और बाजारों में मिलने वाले व्यंजन लोगों को अपनी ओर खींचते हैं। इसी बीच जमशेदपुर में एक ऐसा फूड स्टॉल लोगों के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है, जिसका नाम है ‘सत्तू और सांभर’। यह नाम सुनने में जितना दिलचस्प लगता है, इसका स्वाद भी उतना ही अनूठा है। उत्तर भारतीय और दक्षिण भारतीय व्यंजनों का यह मेल लोगों को काफी पसंद आ रहा है। यह स्टॉल न केवल अपने नाम, बल्कि अपने बेजोड़ स्वाद के कारण शहर के खाने के शौकीनों की पहली पसंद बनता जा रहा है।
कन्हैया की अनूठी पहल
इस अनूठे फूड स्टॉल का संचालन कन्हैया द्वारा किया जाता है। वे काफी लंबे समय से खान-पान के व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। कन्हैया के अनुसार, जमशेदपुर के लोग हमेशा से ही विविधतापूर्ण स्वाद के प्रति आकर्षित रहे हैं। इसी बात को ध्यान में रखकर उन्होंने सत्तू और सांभर को एक साथ पेश करने का विचार किया। उनका मुख्य उद्देश्य ग्राहकों को एक ऐसा अनुभव प्रदान करना है, जिसमें उन्हें बिहार और उत्तर भारत का पारंपरिक देसी स्वाद मिले और साथ ही दक्षिण भारतीय व्यंजनों की महक भी महसूस हो। इस अनोखे कॉम्बिनेशन को चखने के बाद जो लोग एक बार यहां आते हैं, वे इसके स्वाद के मुरीद हो जाते हैं और दोबारा यहां जरूर लौटते हैं।
सुबह 6 बजे से शुरू होता है सिलसिला
इस स्टॉल की एक और बड़ी खासियत इसका समय है। कन्हैया प्रतिदिन सुबह लगभग 6 बजे जमशेदपुर में हावड़ा ब्रिज के समीप अपना स्टॉल लगा लेते हैं। सुबह के समय काम पर जाने वाले लोग, आसपास के दुकानदार और स्थानीय निवासी अपने दिन की शुरुआत यहां के गर्मागर्म नाश्ते के साथ करते हैं। सुबह के समय मिलने वाला ताजा और गरमागरम नाश्ता लोगों को बेहद भाता है, जिससे यह स्टॉल धीरे-धीरे अपनी एक खास पहचान बनाने में सफल रहा है।
मेन्यू में है स्वाद का खजाना
जब हम यहां के मेन्यू पर नजर डालते हैं, तो हमें दक्षिण भारतीय और उत्तर भारतीय व्यंजनों का एक बेहतरीन मेल दिखाई देता है। यहां ग्राहकों को एक ही छत के नीचे कई तरह के विकल्प मिलते हैं, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- इडली और डोसा के साथ सांभर और चटनी
- सत्तू से बनी स्वादिष्ट कचौड़ी
- गरमागरम पूरी और सब्जी
- छोला-भटूरा
- काबुली चना की डिश
यह विभिन्न राज्यों के व्यंजनों का एक ही स्थान पर मिलना ही इस छोटे से स्टॉल को अन्य जगहों से अलग और खास बनाता है।
पारंपरिक और आधुनिक स्वाद का संगम
कन्हैया का मानना है कि अपने लंबे अनुभव के दौरान उन्होंने यह महसूस किया है कि लोग पारंपरिक व्यंजनों के साथ-साथ कुछ नया आजमाने के लिए हमेशा उत्सुक रहते हैं। उन्होंने अपने मेन्यू को इसी तरह डिजाइन किया है कि लोगों को एक परिचित अनुभव भी मिले और वे कुछ नया भी चख सकें। सत्तू से बने व्यंजन उत्तर भारत के लोगों को उनके घर और मिट्टी की याद दिलाते हैं, जबकि इडली और डोसा का सांभर उन्हें दक्षिण भारत के जायके से रूबरू कराता है। इन दोनों का एक साथ एक ही जगह पर मिलना लोगों के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र बन गया है।
जमशेदपुर के फूड लवर्स के लिए खास जगह
जमशेदपुर में स्ट्रीट फूड का क्रेज तेजी से बढ़ता जा रहा है। ऐसे में ‘सत्तू और सांभर’ जैसे अनोखे कॉम्बिनेशन वाले स्टॉल शहर के फूड लवर्स के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनकर सामने आए हैं। सुबह की शुरुआत अगर एक अनोखे स्वाद के साथ हो, तो दिन और भी बेहतर बन जाता है। यदि आप भी जमशेदपुर में रहते हैं या वहां भ्रमण पर हैं और नाश्ते में कुछ लीक से हटकर ट्राई करना चाहते हैं, तो हावड़ा ब्रिज के पास लगने वाला यह स्टॉल आपके लिए एक बेहतरीन गंतव्य हो सकता है। सत्तू के देसीपन और सांभर के चटपटेपन का यह अनोखा संगम आपको जरूर पसंद आएगा।
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